भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता की तारीख में बदलाव, सुप्रीम कोर्ट का फैसला मुख्य कारण
व्यापार वार्ता का स्थगन
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच 23 फरवरी से प्रस्तावित व्यापार वार्ता अब टल गई है। यह निर्णय अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवैध ठहराए जाने के बाद लिया गया है। इस स्थिति को देखते हुए वार्ता को स्थगित करना आवश्यक समझा गया है।
इस वार्ता में अंतरिम व्यापार समझौते यानी आईटीए पर चर्चा होने वाली थी, जिसमें कानूनी मसौदे पर विचार किया जाना था। यह बैठक 23 से 26 फरवरी तक वाशिंगटन में आयोजित होने वाली थी। समाचार स्रोतों के अनुसार, इस बैठक के स्थगित होने की जानकारी मिली है।
शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को छह-तीन के बहुमत से रद्द कर दिया। इससे पहले भारत और अमेरिका के बीच यह सहमति बनी थी कि भारतीय उत्पादों पर 18 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सभी टैरिफ रद्द कर दिए गए। इसके बाद ट्रंप ने 10 फीसदी टैरिफ लगाया, जिसे 24 घंटे के भीतर बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया।
अमेरिका के ट्रेड एक्ट 1974 के अनुसार, अगले पांच महीने के लिए 15 फीसदी टैरिफ लागू हो गया है, जो भारत और अमेरिका के बीच बनी सहमति से कम है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि भारत पर यह टैरिफ 15 फीसदी होगा या अप्रैल 2025 से पहले लागू होने वाले तीन फीसदी के ऊपर यह 15 फीसदी होगा। इस कारण से ही व्यापार वार्ता को स्थगित किया गया है। सूत्रों का कहना है कि दोनों देशों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हुए परिवर्तनों की समीक्षा के बाद नई बैठक की तारीख तय करने का निर्णय लिया है। इस स्थगन से व्यापार संधि में देरी हो सकती है।
यह ध्यान देने योग्य है कि 2 फरवरी को अमेरिका के साथ व्यापार संधि की घोषणा की गई थी, जिसके बाद इसके फ्रेमवर्क और फैक्टशीट में कई बार बदलाव किए गए हैं। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले, पीयूष गोयल ने इस व्यापार संधि की टाइमलाइन की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि भारतीय टीम अमेरिका जा रही है व्यापार वार्ता के लिए। गोयल ने कहा था कि मार्च में समझौते पर हस्ताक्षर होंगे और अप्रैल में यह संधि लागू हो जाएगी। लेकिन अब इसमें देरी हो सकती है।
