भारत का सी फूड सेक्टर: वैश्विक बाजार में बढ़ती ताकत
भारत का सी फूड सेक्टर इस वित्तीय वर्ष में वैश्विक बाजार में अभूतपूर्व सफलता हासिल कर रहा है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, भारत ने 8.28 अरब डॉलर का रिकॉर्ड निर्यात किया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। कोविड-19 महामारी के बावजूद, भारत ने अपने निर्यात में तेजी से वापसी की है, विशेषकर एक्वाकल्चर के क्षेत्र में। अमेरिका, चीन और यूरोप में भारतीय समुद्री उत्पादों की मांग में वृद्धि हुई है। जानें इस सफलता के पीछे के कारण और भारत की वैश्विक स्थिति के बारे में।
| Apr 23, 2026, 09:17 IST
भारत का सी फूड निर्यात: एक नई ऊंचाई
भारत विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे कार्य कर रहा है, जिनकी जानकारी आमतौर पर कम मिलती है। फिर भी, वैश्विक स्तर पर इन क्षेत्रों में भारत की उपस्थिति स्पष्ट है। अमेरिका, चीन और यूरोप में भारत ने अपनी ताकत दिखाई है और इस उद्योग का विस्तार कर रहा है। इस वित्तीय वर्ष में, भारत ने सी फूड सेक्टर में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। समुद्री उत्पाद निकास निर्यात विकास प्राधिकरण के हालिया आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद, भारतीय समुद्री भोजन ने 72325.82 करोड़ रुपये (8.28 अरब डॉलर) का रिकॉर्ड निर्यात किया है।
पिछले वर्षों में निर्यात में वृद्धि
पिछले पांच वर्षों में भारत ने निर्यात में लगातार वृद्धि की है। कोविड-19 महामारी के दौरान वैश्विक लॉकडाउन के कारण निर्यात में थोड़ी कमी आई थी, लेकिन 2021-22 में भारत ने तेजी से वापसी की। 2022-23 में, भारत ने 8 अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा। इस दौरान, पारंपरिक मछली पकड़ने के बजाय एक्वाकल्चर पर ध्यान केंद्रित किया गया है। आंध्र प्रदेश, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो रही है। 2020 में निर्यात 12 से 13 लाख मेट्रिक टन था, जो अब बढ़कर लगभग 20 लाख मेट्रिक टन हो गया है, जो 50% की वृद्धि दर्शाता है।
अमेरिका और अन्य बाजारों में प्रदर्शन
हालांकि अमेरिका में टैरिफ के कारण थोड़ी गिरावट आई है, फिर भी भारत ने निर्यात में 19.8% की मात्रा बनाए रखी है। भारत ने अमेरिका के अलावा चीन और यूरोप में भी अपने उत्पादों की मांग बढ़ाई है। चीन में भारतीय समुद्री उत्पादों की मांग में 22.7% की वृद्धि हुई है, जिससे यह अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन गया है। यूरोपीय संघ में भी भारत के निर्यात में 37.9% की भारी बढ़त हुई है।
भारत की सफलता का मुख्य कारण
भारत की इस सफलता का मुख्य कारण फ्रोजन झींगा है, जिसने कुल 72335.325 करोड़ रुपये में से 47973 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। भारतीय झींगा अपनी गुणवत्ता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। इसके अलावा, भारत अब फ्रोजन मछली, स्क्विड और कटलफिश के क्षेत्र में भी अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। समुद्री खाद्य निर्यात में भारत दुनिया के शीर्ष पांच देशों में शामिल है और झींगा निर्यात में दूसरे या तीसरे स्थान पर है।
