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भारत ने पीएनजी नेटवर्क का विस्तार करने की योजना बनाई

भारत सरकार ने घरेलू स्तर पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए नई योजनाएं बनाई हैं। पीएनजी नेटवर्क के विस्तार के लिए सुरक्षा शुल्क माफ किया गया है और नए ग्राहकों को वित्तीय प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इसके अलावा, डिजिटल इंडिया अभियान के तहत ऑनलाइन बुकिंग में वृद्धि हुई है। जानें इस पहल के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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भारत ने पीएनजी नेटवर्क का विस्तार करने की योजना बनाई

नई दिल्ली में ऊर्जा संकट के बीच नई पहल


नई दिल्ली: पश्चिम एशिया की स्थिति और वैश्विक ऊर्जा संकट को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार ने घरेलू स्तर पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं। पेट्रोलियम के संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि सरकार अब पीएनजी (PNG) नेटवर्क के विस्तार के लिए तेजी से कार्य कर रही है। इस मिशन को सफल बनाने के लिए तेल कंपनियों ने सुरक्षा शुल्क को माफ करने और नए ग्राहकों को विशेष वित्तीय प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है।


हर घर तक पीएनजी पहुंचाने की योजना

सरकार पाइप वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) को हर घर तक पहुंचाने के लिए सक्रियता से काम कर रही है। सुजाता शर्मा ने बताया कि तेल कंपनियों ने पीएनजी सप्लाई के लिए सुरक्षा शुल्क को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इसके अलावा, 31 मार्च तक नए कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को 500 रुपये तक की मुफ्त गैस दी जाएगी। यह कदम मध्यम वर्गीय परिवारों को पीएनजी की ओर आकर्षित करने और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।


बुनियादी ढांचे के लिए चौबीसों घंटे काम

दिल्ली में पाइपलाइन बिछाने के कार्य को तेज करने के लिए सरकार ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब यह कार्य दिन-रात, यानी चौबीसों घंटे किया जा सकेगा। इसके साथ ही, सड़कों की खुदाई के बाद सड़क बहाली शुल्क को भी माफ कर दिया गया है। आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है ताकि समय-सीमा के भीतर अधिक से अधिक घरों को गैस नेटवर्क से जोड़ा जा सके। पिछले 25 दिनों में 2.5 लाख कनेक्शन जारी किए गए हैं।


कालाबाजारी पर सख्ती

देश में घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की कोई कमी नहीं है, लेकिन कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही है। 24 मार्च को विभिन्न राज्यों में लगभग 2700 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 2000 अवैध सिलेंडर जब्त किए गए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनता को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए 26 राज्यों को 22 लाख टन कमर्शियल एलपीजी पहले ही आवंटित की जा चुकी है।


डिजिटल प्रगति और ऑनलाइन बुकिंग

डिजिटल इंडिया अभियान के तहत एलपीजी रिफिल की बुकिंग में भारी वृद्धि हुई है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, लगभग 92 प्रतिशत बुकिंग अब ऑनलाइन माध्यमों से की जा रही है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि वितरण व्यवस्था भी सुव्यवस्थित हुई है। इसके अलावा, गरीब परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कल एक ही दिन में 30,000 पांच किलो वाले छोटे एलपीजी सिलेंडर बांटे गए हैं। यह ऊर्जा पहुंच को समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


भारत की रिफाइनिंग क्षमता

वैश्विक तनाव के बावजूद, भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को लेकर आश्वस्त है क्योंकि देश की रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रही हैं। भारत के पास वर्तमान में 26 करोड़ टन की विशाल रिफाइनिंग क्षमता उपलब्ध है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा पर चर्चा हुई है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, वैश्विक नेताओं के साथ यह संवाद ऊर्जा सुरक्षा और शिपिंग लाइनों को सुरक्षित रखने के लिए निरंतर जारी है।