भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों की निंदा की
भारत का कड़ा बयान
लंदन: यूनाइटेड किंगडम में भारत के उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हालिया हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने वैश्विक समुद्री सुरक्षा, नौवहन की स्वतंत्रता और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।
गुरुवार को लंदन में अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन परिषद के 36वें असाधारण सत्र में बोलते हुए, दोरईस्वामी ने क्षेत्र में बदलती परिस्थितियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक संवाद के माध्यम से तनाव को कम करने की अपील की, साथ ही नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना और नागरिक समुद्री ढांचे पर हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। ऐसे हमलों के कारण निर्दोष लोगों की जान गई है और कई लोग घायल हुए हैं, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है। भारतीय उच्चायुक्त ने यह भी बताया कि भारत दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल है जो नाविकों की आपूर्ति करते हैं, और वैश्विक समुद्री कार्यबल में लगभग 13 प्रतिशत भारतीय नाविक हैं। इस संदर्भ में, भारत सभी नाविकों की सुरक्षा और कल्याण को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करता है।
इस बीच, IMO परिषद ने भी खाड़ी क्षेत्र में व्यापारी जहाजों पर बढ़ते खतरों को गंभीरता से लेते हुए इन हमलों और धमकियों की निंदा की है। परिषद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय बढ़ाने और नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव के तहत ‘समुद्री सुरक्षा गलियारा’ (Maritime Safety Corridor) जैसे ढांचे को बढ़ावा देने पर सहमति बनी, जिसका उद्देश्य उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करना और समुद्री गतिविधियों को सुरक्षित बनाना है।
