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भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में नौकरियों की बाढ़

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में नौकरियों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हो रही है। लिंक्डइन की रिपोर्ट के अनुसार, एआई इंजीनियरिंग से जुड़ी नौकरियों में 59.5% की वृद्धि हुई है। यह वृद्धि केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि टियर-2 शहरों में भी तेजी से फैल रही है। छोटे और मझोले व्यवसाय भी इस क्षेत्र में सक्रिय हो रहे हैं, जिससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी एआई टैलेंट की मांग बढ़ रही है। जानें किस प्रकार की स्किल्स की मांग है और कैसे आप इस क्षेत्र में करियर बना सकते हैं।
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भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में नौकरियों की बाढ़

नई दिल्ली में एआई की बढ़ती मांग

नई दिल्ली: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रभाव अब कल्पना से कहीं अधिक हो गया है, जिसके चलते देश में एआई विशेषज्ञों की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि देखी जा रही है। लिंक्डइन की हालिया रिपोर्ट 'द एआई लेबर मार्केट रिपोर्ट 2026' के अनुसार, भारत में एआई इंजीनियरिंग से संबंधित नौकरियों की पोस्टिंग में साल-दर-साल 59.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह वृद्धि किसी भी प्रमुख वैश्विक बाजार में सबसे तेज मानी जा रही है। इसका अर्थ है कि यदि आप एआई क्षेत्र में करियर बनाने की योजना बना रहे हैं, तो यह आपके लिए एक सुनहरा अवसर है, और कंपनियां उत्सुकता से प्रतिभाओं का स्वागत कर रही हैं।


नौकरियों का विस्तार: महानगरों से परे

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पहले यह माना जाता था कि एआई और आधुनिक तकनीक से संबंधित नौकरियों का केंद्र केवल बेंगलुरु जैसे बड़े आईटी हब हैं, लेकिन अब यह स्थिति बदल रही है। नई रिपोर्ट के आंकड़े दर्शाते हैं कि एआई नौकरियों के अवसर अब देश के टियर-2 और अन्य शहरों में भी तेजी से बढ़ रहे हैं। हैदराबाद में एआई हायरिंग में 51 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि विजयवाड़ा जैसे शहर में भी 45.5 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। ये आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि एआई का विस्तार अब महानगरों की सीमाओं को पार कर रहा है और अन्य शहरों में भी रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है।


छोटी कंपनियों में भी नौकरियों की बाढ़

छोटी कंपनियां भी दे रहीं बंपर नौकरियां, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भारी उछाल


नौकरियों में आई इस बाढ़ का मुख्य कारण विभिन्न उद्योगों में एआई का तेजी से बढ़ता उपयोग है। बड़ी टेक कंपनियां एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और गवर्नेंस में भारी निवेश कर रही हैं, लेकिन छोटे और मझोले व्यवसाय भी इस क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। ये छोटे व्यवसाय नए प्रयोगों और बड़े स्तर पर एआई को अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और तेजी से हायरिंग कर रहे हैं। आश्चर्यजनक रूप से, पारंपरिक माने जाने वाले मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी एआई इंजीनियरिंग टैलेंट की मांग चार गुना बढ़ गई है।


स्किल्स की मांग और करियर के अवसर

इन स्किल्स की है सबसे ज्यादा डिमांड, ऐसे मिलेगी मनचाही नौकरी


बढ़ती नौकरियों के साथ-साथ इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है। लिंक्डइन इंडिया के इंजीनियरिंग प्रमुख मलई लक्ष्मणन के अनुसार, बाजार में एआई एजेंट्स और प्रोडक्टिविटी टूल्स जैसी स्किल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। कंपनियां इनका उपयोग अपने दैनिक कार्यों में कर रही हैं। जो इंजीनियर केवल प्रयोगों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि एआई को वास्तविक दुनिया में सफलतापूर्वक लागू करने की क्षमता रखते हैं, वे कंपनियों की प्राथमिकता बन गए हैं। तेजी से बढ़ती स्किल्स में एज़्योर एआई स्टूडियो, इंटेलीजेंट एजेंट्स और ऑटोमेटेड फीचर इंजीनियरिंग शामिल हैं। ऐसे में जो पेशेवर इस क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, उन्हें प्रैक्टिकल स्किल्स और वास्तविक दुनिया के एआई प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करना होगा।