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भारत में हवाई यात्रा को बढ़ावा देने के लिए 100 नए एयरपोर्ट्स का निर्माण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'उड़ान-2.0' योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत भारत में 100 नए एयरपोर्ट्स का निर्माण किया जाएगा। इस योजना के लिए 28,840 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। यह योजना अगले 10 वर्षों तक प्रभावी रहेगी और छोटे शहरों में एयर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगी, जिससे व्यापार और पर्यटन को नई गति मिलेगी। 2016 में शुरू की गई उड़ान योजना की सफलता को देखते हुए यह नया कदम उठाया गया है।
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भारत में हवाई यात्रा को बढ़ावा देने के लिए 100 नए एयरपोर्ट्स का निर्माण

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण निर्णय

नई दिल्ली: देशभर में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत भरी सूचना आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 'उड़ान-2.0' योजना को मंजूरी दी गई है। इस नई योजना के तहत भारत में 100 नए एयरपोर्ट्स का विकास किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 28,840 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत किया है। इस निर्णय से भविष्य में हवाई यात्रा का दायरा और भी विस्तृत होगा।


उड़ान-2.0 योजना का कार्यकाल

केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत प्रस्ताव के अनुसार, यह संशोधित उड़ान योजना अगले 10 वर्षों तक प्रभावी रहेगी। इसे 2026-27 से लेकर 2035-36 तक लागू करने की योजना बनाई गई है। सरकार ने इस अवधि के लिए 28,840 करोड़ रुपये का बजटीय समर्थन सुनिश्चित किया है, ताकि नए एयरपोर्ट्स के निर्माण में कोई वित्तीय बाधा न आए।


छोटे शहरों में व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि उड़ान-2.0 योजना का सीधा लाभ छोटे शहरों को होगा। इस योजना से टियर-2 और टियर-3 शहरों में एयर कनेक्टिविटी में काफी सुधार होगा। इन शहरों का मजबूत हवाई नेटवर्क से जुड़ना स्थानीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देगा, जिससे रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।


उड़ान योजना की शुरुआत

यह ध्यान देने योग्य है कि केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2016 में आम और मध्यम वर्ग के नागरिकों के लिए हवाई यात्रा को सस्ता और सुलभ बनाने के उद्देश्य से पहली बार उड़ान योजना शुरू की थी। इसका मुख्य लक्ष्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाना था। पिछले 9 वर्षों में इस योजना के तहत 95 एयरपोर्ट्स, हेलीपोर्ट्स और वाटर एयरोड्रोम्स का सफलतापूर्वक विकास किया गया है, और कुल 663 नए हवाई मार्गों पर उड़ानें संचालित की जा रही हैं।