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भारतीय रेलवे का नया टिकट बुकिंग सिस्टम: 2026 में होगा बदलाव

भारतीय रेलवे अपने पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम को अपग्रेड करने जा रहा है, जिससे टिकट बुकिंग की प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। नया हाईटेक सिस्टम अगस्त 2026 से लागू होगा, जो बुकिंग की गति को 5 गुना बढ़ाएगा और यात्रियों को AI तकनीक के माध्यम से टिकट कन्फर्मेशन की सटीकता प्रदान करेगा। इसके साथ ही, सुरक्षा और रिफंड प्रक्रिया में भी सुधार किया जाएगा। जानें इस नई प्रणाली के बारे में और कैसे यह यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाएगा।
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भारतीय रेलवे का नया टिकट बुकिंग सिस्टम: 2026 में होगा बदलाव

नई दिल्ली में रेलवे का बड़ा कदम

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे अपने यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह से नया रूप देने की योजना बना रहा है। यदि आप टिकट बुक करते समय धीमे सर्वर और लंबी वेटिंग लिस्ट से परेशान हैं, तो आपके लिए यह एक अच्छी खबर है। रेलवे मंत्रालय ने अपने 40 साल पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को अपग्रेड करने का निर्णय लिया है। अगस्त 2026 से एक नया हाईटेक और तेज टिकट बुकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा, जो मौजूदा तकनीक की कमियों को दूर करेगा। वर्तमान प्रणाली, जो 1986 में स्थापित की गई थी, अब आधुनिक यातायात के दबाव को संभालने में सक्षम नहीं है।


बुकिंग की गति में होगा 5 गुना इजाफा

रेलवे के नए सिस्टम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अविश्वसनीय गति होगी। मौजूदा प्रणाली एक मिनट में लगभग 32,000 टिकट बुक कर पाती है, जबकि नया सिस्टम एक मिनट में 1.5 लाख से अधिक टिकट बुक करने की क्षमता रखेगा। इसके अलावा, पूछताछ की क्षमता में भी भारी वृद्धि की जाएगी। नया सिस्टम एक मिनट में 40 लाख से अधिक इंक्वायरी रिक्वेस्ट को संभाल सकेगा। इसका सबसे बड़ा लाभ उन यात्रियों को होगा जो तत्काल टिकट बुक करते हैं, क्योंकि अब पीक आवर्स में वेबसाइट और ऐप के 'हैंग' होने की समस्या लगभग समाप्त हो जाएगी।


AI तकनीक से मिलेगी टिकट कन्फर्मेशन की सटीकता

रेलवे का नया सिस्टम न केवल तेज होगा, बल्कि यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी स्मार्ट तकनीक से भी लैस होगा। रेलवे ने अपने RailOne ऐप में वेटलिस्ट कन्फर्मेशन प्रेडिक्शन फीचर को और अधिक सटीक बना दिया है। अब यात्री 94 प्रतिशत तक की सटीकता के साथ जान सकेंगे कि उनकी वेटिंग टिकट कन्फर्म होगी या नहीं। पिछले साल लॉन्च किए गए इस ऐप को अब तक 3.5 करोड़ से अधिक लोग डाउनलोड कर चुके हैं, जिससे टिकट बुकिंग, रिफंड और लाइव ट्रेन स्टेटस जैसी सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं।


सुरक्षा और रिफंड प्रक्रिया में सुधार

नए रिजर्वेशन सिस्टम में सुरक्षा और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया गया है। टिकटों की कालाबाजारी और धोखाधड़ी को रोकने के लिए ओटीपी (OTP) आधारित टिकटिंग और वेरिफाइड यूजर जैसे फीचर्स को और मजबूत किया जा रहा है। इसके अलावा, यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत रिफंड प्रक्रिया में होगी। नए सिस्टम के माध्यम से टिकट कैंसिल कराने पर रिफंड का पैसा पहले से कहीं अधिक तेजी से सीधे यात्री के खाते में पहुंच जाएगा। रेलवे का दावा है कि यह नया ढांचा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, ताकि आने वाले कई दशकों तक यात्रियों को निर्बाध सेवा मिल सके।