Newzfatafatlogo

भारतीय वायु सेना के कर्मचारी की गिरफ्तारी से जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश

जयपुर में एक नागरिक कर्मचारी की गिरफ्तारी ने भारतीय वायु सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी के लीक होने के एक बड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह मामला जनवरी 2026 में शुरू हुई जांच का परिणाम है, जिसमें एक संदिग्ध के संबंधों के आधार पर सुमित कुमार तक पहुंचा गया। सुमित ने अपनी स्थिति का दुरुपयोग करते हुए गोपनीय जानकारी साझा की, जो पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजी गई। जानें इस मामले के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
 | 
भारतीय वायु सेना के कर्मचारी की गिरफ्तारी से जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश

जयपुर में गिरफ्तारी की जानकारी


जयपुर: भारतीय वायु सेना के एक नागरिक कर्मचारी को पाकिस्तानी हैंडलर्स को संवेदनशील सैन्य जानकारी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह मामला एक बड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा करता है, जो पूरे भारत में सक्रिय है।


गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

राजस्थान इंटेलिजेंस द्वारा की गई यह गिरफ्तारी महीनों की जांच के बाद हुई है, जो इस साल की शुरुआत में एक अन्य गिरफ्तारी से शुरू हुई थी। पुलिस इंटेलिजेंस के अतिरिक्त महानिदेशक प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि यह मामला जनवरी 2026 में शुरू हुआ, जब जैसलमेर के निवासी झबरा राम को हिरासत में लिया गया था।


पूछताछ के दौरान खुलासे

पूछताछ के दौरान राम ने एक अन्य संदिग्ध के साथ अपने संबंधों का खुलासा किया, जो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के संपर्क में था। इसी जानकारी के आधार पर जांचकर्ताओं ने सुमित कुमार तक पहुंच बनाई।


36 वर्षीय सुमित कुमार उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का निवासी है और असम के डिब्रूगढ़ जिले में वायु सेना स्टेशन चाबुआ में 'मल्टी-टास्किंग स्टाफ' (MTS) के रूप में कार्यरत था।


जांचकर्ताओं की रिपोर्ट

जांचकर्ताओं का कहना है कि सुमित ने अपनी स्थिति का दुरुपयोग करते हुए भारतीय वायु सेना से संबंधित गोपनीय जानकारी प्राप्त की और उसे आगे भेजा। आरोप है कि यह जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ साझा की गई थी।


राजस्थान इंटेलिजेंस और वायु सेना इंटेलिजेंस के संयुक्त अभियान के तहत कुमार को चाबुआ से हिरासत में लिया गया और पूछताछ के लिए जयपुर लाया गया।


अधिकारियों की जानकारी

अधिकारियों ने बताया कि आरोपी 2023 से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के संपर्क में था और पैसे के बदले संवेदनशील जानकारी साझा कर रहा था।


पूछताछ में यह भी सामने आया कि सुमित ने वायु सेना के ठिकानों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की, जिसमें वायु सेना स्टेशन चाबुआ और बीकानेर स्थित वायु सेना स्टेशन नाल शामिल हैं। इस जानकारी में लड़ाकू विमानों और मिसाइल प्रणालियों के स्थान के साथ-साथ अधिकारियों और अन्य कर्मियों से जुड़े गोपनीय विवरण भी शामिल थे।


जांचकर्ताओं ने यह भी पाया कि उसने अपने नाम पर जारी मोबाइल नंबरों का उपयोग करके पाकिस्तानी हैंडलर्स के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाने में मदद की थी। सुमित कुमार को 22 मार्च को जयपुर के विशेष पुलिस थाने में सरकारी गोपनीयता अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था।