भारतीय वायुसेना का ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई

भारतीय वायुसेना की नई जानकारी
भारतीय वायुसेना का ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी ने शनिवार को ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित नए वीडियो और महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। यह सैन्य कार्रवाई मई में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ की गई थी। यह ऑपरेशन पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के तुरंत बाद किया गया था, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी.
कम हथियारों से मिली सफलता
50 से भी कम हथियारों का उपयोग
एयर मार्शल तिवारी ने बताया कि इस ऑपरेशन में वायुसेना ने 50 से कम हथियारों का इस्तेमाल किया और पाकिस्तान को युद्धविराम समझौते पर सहमत होने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा कि प्रारंभ में कई लक्ष्यों की पहचान की गई थी, लेकिन रणनीतिक दृष्टिकोण से केवल 9 लक्ष्यों को चुना गया और उन पर सटीक हमला किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि सीमित हथियारों के उपयोग से बड़े स्तर पर संघर्ष को रोकने में सफलता मिली, जो इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी उपलब्धि है.
ऑपरेशन की योजना
ऑपरेशन की तैयारी
वायुसेना के उप प्रमुख ने बताया कि पहलगाम हमले के अगले दिन तीनों सेनाओं के मुख्यालयों में बैठक हुई और कई विकल्पों पर चर्चा की गई। 24 अप्रैल को एक उच्च स्तरीय टीम ने ऑपरेशनल विकल्प प्रस्तुत किए। 29 अप्रैल तक सामरिक योजना को अंतिम रूप दिया गया। अंततः 5 मई को हमले की तारीख तय की गई और 6, 7 और 9 मई को भारतीय वायुसेना ने आतंकवादी ठिकानों पर हमले किए.
ऑपरेशन सिंदूर के उद्देश्य
ऑपरेशन सिंदूर के तीन प्रमुख लक्ष्य
तिवारी ने बताया कि नई दिल्ली से दिए गए निर्देशों में तीन मुख्य लक्ष्य निर्धारित किए गए थे:
1. प्रतिक्रिया स्पष्ट और मजबूत होनी चाहिए.
2. यह कार्रवाई भविष्य के आतंकवादी हमलों के खिलाफ निवारक संदेश बने.
3. सशस्त्र बलों को पूर्ण परिचालन स्वतंत्रता मिले, साथ ही पारंपरिक युद्ध की स्थिति में तैयारियां भी बरकरार रहें.
पाकिस्तान का जवाब
पाकिस्तान के पलटवार पर भारत का जवाब
भारत की कार्रवाई के बाद, पाकिस्तान ने 8 से 10 मई के बीच भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। हालांकि, भारतीय सेना ने कई पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर प्रभावी जवाबी हमले किए। चार दिनों तक सीमा पर ड्रोन और मिसाइल हमलों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। अंततः 10 मई को दोनों देशों के बीच संघर्ष समाप्त करने के लिए सहमति बनी.
राजनाथ सिंह का बयान
राजनाथ सिंह का बयान
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक युद्धों में वायु रक्षा क्षमता का महत्व कई गुना बढ़ गया है। उन्होंने 'सुदर्शन चक्र मिशन' को भविष्य में भारत की सुरक्षा रणनीति का परिवर्तनकारी कदम बताया। राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि भारत का वायु रक्षा कवच अब केवल रक्षात्मक नहीं होगा, बल्कि इसमें आक्रामक क्षमताएं भी शामिल की जा रही हैं.
प्रधानमंत्री की घोषणा
प्रधानमंत्री की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में सुदर्शन चक्र एयरडोम बनाने की घोषणा की थी। यह घोषणा उस समय की गई जब पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर ने सीमा पर भारतीय परिसंपत्तियों को निशाना बनाने की धमकी दी थी.