भारतीय शेयर बाजार में गिरावट: अमेरिका की ग्रीनलैंड पर नजर का असर
शेयर बाजार में गिरावट का कारण
मुंबई। ग्रीनलैंड पर अमेरिका के नियंत्रण की योजना और वैश्विक उथलपुथल का प्रभाव भारतीय शेयर बाजार पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। मंगलवार, 20 जनवरी को, शेयर बाजार ने नए साल की पहली बड़ी गिरावट का सामना किया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक 1,065 अंक यानी 1.28 प्रतिशत की कमी के साथ 82,180 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी में भी 353 अंक यानी 1.38 प्रतिशत की गिरावट आई, जो 25,233 के स्तर पर पहुंच गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि शेयर बाजार में आई गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की इच्छा है। इसके अतिरिक्त, घरेलू कारणों में चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में रिलायंस जैसी प्रमुख कंपनियों के मुनाफे में कमी भी शामिल है। मंगलवार की सुबह बाजार की शुरुआत धीमी रही, और निफ्टी एक सौ अंक नीचे 25,500 के करीब खुला। इस दिन निफ्टी के रियल एस्टेट शेयरों में सबसे अधिक गिरावट आई, जिसमें पांच प्रतिशत की कमी आई।
बीएसई में पिछले साल मई के बाद की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। इससे पहले 13 मई 2025 को सेंसेक्स में एक हजार अंक से अधिक की गिरावट आई थी, जब यह 1,281 अंक गिरकर 81,148 पर बंद हुआ था। जानकार इस गिरावट को वैश्विक उथलपुथल से जोड़कर देख रहे हैं। वास्तव में, राष्ट्रपति ट्रंप ग्रीनलैंड को अमेरिका की सुरक्षा और संसाधनों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र मानते हैं, जबकि यूरोप इसका विरोध कर रहा है। अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण व्यापार युद्ध का खतरा भी बढ़ गया है।
