भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी
शेयर बाजार में गिरावट का कारण
मुंबई - अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे वैश्विक बाजारों में गिरावट आई। इस कारण भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को लाल निशान में बंद हुआ। यह इस सप्ताह का दूसरा कारोबारी दिन है जब घरेलू बाजार में बिकवाली का दबाव देखा गया।
बीएसई और एनएसई के आंकड़े
बाजार के बंद होने पर 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 582.86 अंकों की गिरावट के साथ 76,913.50 पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी50 180.10 अंकों की कमी के साथ 23,997.55 पर बंद हुआ। दिन के दौरान सेंसेक्स ने 77,014.21 पर खुलकर 77,254.33 का इंट्रा-डे हाई और 76,258.86 का इंट्रा-डे लो बनाया। निफ्टी50 ने 23,996.95 पर खुलकर 24,087.45 का इंट्रा-डे हाई और 23,796.85 का इंट्रा-डे लो बनाया। इस दौरान व्यापक बाजार में भी मंदी का रुख रहा, जहां निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.98 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.48 प्रतिशत की गिरावट आई।
निवेशकों की संपत्ति में कमी
निवेशकों की दौलत में 4.79 लाख करोड़ की कमी
एक दिन पहले, 29 अप्रैल 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप 4,68,24,264.807 करोड़ था। आज, 27 अप्रैल 2026 को कारोबार बंद होने पर यह 4,63,44,707.30 करोड़ पर आ गया। इसका मतलब है कि निवेशकों की पूंजी में 4,79,557.507 करोड़ की कमी आई है।
सेक्टरवार प्रदर्शन
सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी आईटी (0.37 प्रतिशत की बढ़त) और निफ्टी फार्मा (0.03 प्रतिशत की मामूली बढ़त) को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। निफ्टी मेटल में 2.12 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक में 1.68 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 1.50 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी में 1.35 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 1.07 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी 50 पैक में 15 शेयरों में तेजी और 34 शेयरों में गिरावट देखी गई। बजाज-ऑटो के शेयरों में सबसे ज्यादा 5.19 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके अलावा, सन फार्मा, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, अदाणी पोर्ट्स, मारुति और कोटक बैंक के शेयरों में भी उछाल देखने को मिला। दूसरी ओर, टीएमपीवी, इटरनल, हिंडाल्को, एचयूएल, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, श्रीराम फाइनेंस और ट्रेंट के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई। हालिया खबरों के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के शांति प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नाकाबंदी को और तेज करने का निर्देश दिया है, जिसके परिणामस्वरूप ब्रेंट क्रूड की कीमतों में वृद्धि हुई।
