भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 400 अंक नीचे
शेयर बाजार की शुरुआत
मुंबई: पिछले दिन की जोरदार तेजी के बाद, गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते गिरावट के साथ खुला। यह गिरावट ईरान द्वारा अमेरिका पर युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाने के बाद आई, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में फिर से वृद्धि हुई, और निफ्टी50 तथा सेंसेक्स में गिरावट देखी गई।
सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन
बीएसई सेंसेक्स 77,562.90 के पिछले बंद से 243.57 अंक गिरकर 77,319.33 पर खुला, जबकि निफ्टी 23,997.35 से 88.3 अंक गिरकर 23,909.05 पर खुला। हालांकि, सुबह 9:40 बजे तक सेंसेक्स 444.41 अंक यानी 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,118.49 पर ट्रेड कर रहा था, जबकि निफ्टी50 101.45 अंक यानी 0.42 प्रतिशत गिरकर 23,895.90 पर था।
सेक्टरवार प्रदर्शन
व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.13 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई। सेक्टरवार, निफ्टी मेटल और निफ्टी फार्मा ने अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि निफ्टी आईटी में 1.17 प्रतिशत की सबसे अधिक गिरावट देखी गई। इसके अलावा, निफ्टी ऑटो, निफ्टी फाइनेंशियल, निफ्टी बैंक, और निफ्टी रियल्टी में भी गिरावट आई।
निफ्टी 50 में प्रमुख शेयर
निफ्टी 50 इंडेक्स में इंफोसिस, एलएंडटी, इटरनल, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, एचसीएलटेक, इंडिगो और श्रीराम फाइनेंस के शेयरों ने सबसे अधिक नुकसान उठाया। इसके विपरीत, हिंडाल्को, मैक्सहेल्थ, एनटीपीसी, बजाज-ऑटो, बीईएल और पावरग्रिड के शेयरों में सबसे अधिक बढ़त देखने को मिली।
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि
ब्रेंट क्रूड वायदा में सुबह के समय 3.31 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 97.89 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड पिछले बंद भाव से 4.2 प्रतिशत बढ़कर 98.38 डॉलर पर कारोबार कर रहा था।
वैश्विक तनाव का असर
इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने युद्धविराम की घोषणा की थी, लेकिन मध्य पूर्व में स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। इजरायल ने लेबनान पर एक बड़ा हमला किया, जिसमें कई लोग मारे गए, और ईरान ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी। इस स्थिति ने वैश्विक बाजारों में घबराहट पैदा की है।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव
ईरान के प्रमुख वार्ताकार मोहम्मद बागर कलीबाफ ने संकेत दिया कि अमेरिका के साथ स्थायी शांति समझौते के लिए वार्ता जारी रखना अब 'अनुचित' हो सकता है। वहीं, व्हाइट हाउस ने कहा कि ईरान के साथ सीधी वार्ता जारी रहेगी।
जलमार्गों की स्थिति
तेहरान ने इजरायल पर युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और खाड़ी देशों पर हमले जारी रखे। होर्मुज जलडमरूमध्य में अवरोध बना हुआ है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इस स्थिति ने वित्तीय बाजारों में चिंता बढ़ा दी है।
