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भारतीय शेयर बाजार में जोरदार उछाल, निवेशकों को मिला 8.5 लाख करोड़ का लाभ

भारतीय शेयर बाजार ने 24 मार्च को शानदार तेजी दिखाई, जिसमें सेंसेक्स 1,372 अंक और निफ्टी 399 अंक चढ़ा। इस उछाल के पीछे एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक खबर है, जिसने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया। जानें किस प्रकार के शेयरों में तेजी आई और विशेषज्ञों की राय क्या है। पिछले दिन की गिरावट के बाद यह तेजी निवेशकों के लिए राहत लेकर आई है।
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भारतीय शेयर बाजार में जोरदार उछाल, निवेशकों को मिला 8.5 लाख करोड़ का लाभ

भारतीय शेयर बाजार की शानदार वृद्धि


नई दिल्ली। 24 मार्च को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार प्रदर्शन किया। सेंसेक्स 1,372.06 अंक यानी 1.89 फीसदी की वृद्धि के साथ 74,068.45 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 399 अंक यानी 1.78 फीसदी चढ़कर 22,912 पर पहुंच गया। बाजार में व्यापक खरीदारी का माहौल था, जिसमें लगभग 2,843 शेयरों में तेजी आई, 1,257 शेयरों में गिरावट आई और 152 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, दोनों इंडेक्स लगभग 2.6 फीसदी तक बढ़े। इस दौरान निवेशकों को करीब 8.5 लाख करोड़ रुपये का लाभ हुआ।


सेक्टोरल प्रदर्शन

सेक्टोरल इंडेक्स में भी मजबूती देखी गई, जहां ऑटो, आईटी, मेटल, मीडिया, बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, PSU बैंक, प्राइवेट बैंक और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सभी सेक्टर हरे निशान में बंद हुए, जिनमें लगभग 2 फीसदी तक की वृद्धि दर्ज की गई। निफ्टी पर प्रमुख गेनर्स में Larsen & Toubro, InterGlobe Aviation, Asian Paints, Eternal और Bajaj Finance शामिल रहे। वहीं, गिरावट वाले शेयरों में Coal India, Adani Enterprises, Sun Pharma, Cipla और Power Grid Corporation of India शामिल थे।


बाजार में बदलाव का कारण

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक खबर ने बाजार का मूड बदल दिया। सऊदी अरब की न्यूज वेबसाइट अल अरेबिया के अनुसार, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ बातचीत और समझौते के लिए सहमति जताई है। इस सकारात्मक खबर ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया, जिससे शेयर बाजार में जोरदार रैली देखने को मिली।


विशेषज्ञों की राय

Geojit Investments Limited के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर के अनुसार, घरेलू शेयर बाजार में हालिया तेजी राहत भरी रैली है, जिसे ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों में अस्थायी विराम की खबर से समर्थन मिला। इससे पश्चिम एशिया में तनाव में कुछ कमी आने की उम्मीद जगी है। हालांकि, Strait of Hormuz को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिस पर निवेशकों की नजर है। सप्लाई चेन पर इसका प्रभाव सीमित रहने की संभावना है और यह अधिकतम 1-2 तिमाहियों तक कंपनियों की कमाई को प्रभावित कर सकता है। घरेलू स्तर पर मजबूत फंडामेंटल्स बाजार को समर्थन दे रहे हैं। मौद्रिक और राजकोषीय नीतियों के चलते मांग में सुधार की उम्मीद है, खासकर जब वैश्विक अनिश्चितताएं कम हों।


पिछले दिन का बाजार

शेयर बाजार में 23 मार्च को बड़ी गिरावट देखी गई थी। इस दौरान सेंसेक्स 1,837 अंक या 2.46 फीसदी की गिरावट के साथ 72,696 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 602 अंक या 2.60 फीसदी की गिरावट आई, जो 22,513 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान बैंकिंग, ऑटो, मेटल और FMCG शेयरों में अधिक गिरावट देखी गई थी।