भारतीय शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी बढ़त
शेयर बाजार में तेजी का माहौल
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार के दौरान उल्लेखनीय तेजी देखी गई। दिन के अंत में, सेंसेक्स 2,946.32 अंक या 3.95 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 77,563.90 पर और निफ्टी 873.70 अंक या 3.78 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,997.35 पर बंद हुआ।
बाजार में व्यापक तेजी का अनुभव हुआ, जिसमें रियल्टी और ऑटो स्टॉक्स ने प्रमुख भूमिका निभाई। निफ्टी रियल्टी (6.75 प्रतिशत) और निफ्टी ऑटो (6.69 प्रतिशत) शीर्ष लाभार्थियों में रहे। इसके अलावा, निफ्टी प्राइवेट बैंक (5.56 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस (5.54 प्रतिशत), निफ्टी पीएसयू बैंक (5.46 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरबेल्स (5.23 प्रतिशत) और निफ्टी इन्फ्रा (4.13 प्रतिशत) भी मजबूती के साथ बंद हुए।
कोई भी सूचकांक नकारात्मक क्षेत्र में नहीं गया।
लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2,198.95 अंक या 4.03 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 56,799.50 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 694.75 अंक या 4.39 प्रतिशत की बढ़त के साथ 16,538.05 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल प्रमुख कंपनियों में इंडिगो, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस, एमएंडएम, एक्सिस बैंक, मारुति सुजुकी, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटन, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, अदाणी पोर्ट्स, आईसीआईसीआई बैंक, इटरनल, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील और एसबीआई शामिल थे। केवल टेक महिंद्रा, सन फार्मा और पावर ग्रिड ही नकारात्मक क्षेत्र में बंद हुए।
बाजार में इस तेजी के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केटकैप लगभग 17 लाख करोड़ रुपए बढ़कर करीब 446 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो पहले 429 लाख करोड़ रुपए था।
वेंचुरा के रिसर्च प्रमुख विनीत बोलिंजकर ने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध विराम से जोखिम में सुधार हुआ है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आई है।
उन्होंने यह भी कहा कि निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में ऐसे लार्जकैप स्टॉक्स शामिल करने चाहिए, जिनकी आय मजबूत हो।
युद्ध विराम के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है, और ब्रेंट क्रूड का दाम लगभग 14 प्रतिशत घटकर 94 डॉलर प्रति बैरल हो गया है।
