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भारतीय शेयर बाजार में नई वित्तीय वर्ष की जोरदार शुरुआत

भारतीय शेयर बाजार ने नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में शानदार प्रदर्शन किया है। सेंसेक्स और निफ्टी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे निवेशकों में उत्साह बढ़ा है। विभिन्न सेक्टर्स में खरीदारी का माहौल है, जबकि कुछ क्षेत्रों में गिरावट भी देखी गई है। जानें इस बाजार की स्थिति और इसके पीछे के कारणों के बारे में।
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भारतीय शेयर बाजार में नई वित्तीय वर्ष की जोरदार शुरुआत

शेयर बाजार की शानदार वापसी

नए वित्तीय वर्ष 27 की शुरुआत के साथ, भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को एक मजबूत वापसी की। दिन के अंत में, सेंसेक्स 1,186.77 अंक या 1.65 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 73,134.32 पर और निफ्टी 348 अंक या 1.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,679.40 पर बंद हुआ। 


बाजार में व्यापक खरीदारी का माहौल था। निफ्टी इंडिया डिफेंस 5.32 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 3.70 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 3.69 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 2.46 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 2.13 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 2.09 प्रतिशत, निफ्टी कंजप्शन 2.04 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो 1.97 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुए। 


हालांकि, सूचकांकों में निफ्टी फार्मा 0.99 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर 1.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। 


लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी देखी गई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 506 अंक या 3.33 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 15,709.80 पर और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,169.15 अंक या 2.22 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 53,819.15 पर बंद हुआ। 


शेयर बाजार की इस तेजी के चलते, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केटकैप 10 लाख करोड़ रुपए बढ़कर 422 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो पहले 412 लाख करोड़ रुपए था। 


सेंसेक्स में 30 में से 25 शेयर हरे निशान में बंद हुए।


ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन, अदाणी पोर्ट्स, बीईएल, एसबीआई, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, टाइटन, एशियन पेंट्स, एमएंडएम, बजाज फाइनेंस, टीसीएस, इन्फोसिस, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व और आईटीसी जैसे शेयरों में तेजी आई। वहीं, एनटीपीसी, सन फार्मा, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट और भारती एयरटेल में गिरावट देखी गई। 


एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय शेयर बाजारों ने नए वित्तीय वर्ष की सकारात्मक शुरुआत की है। इसका कारण मध्य पूर्व में संघर्ष में संभावित कमी और ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान कम होने की उम्मीदें थीं। 


उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के बयान, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका अगले दो से तीन हफ्तों में ईरान से 'समझौते के साथ या बिना' पीछे हट सकता है, ने बाजारों में उत्साह बढ़ाया।