भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट: निवेशकों की 3 लाख करोड़ की हानि
भारतीय शेयर बाजार में संकट का दौर
मुंबई: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष और मध्य पूर्व में उत्पन्न संकट का प्रभाव अब भारतीय अर्थव्यवस्था पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में एक गंभीर गिरावट आई, जिससे निवेशकों की लगभग 3 लाख करोड़ रुपये की पूंजी स्वाहा हो गई। इस दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1097 अंकों की गिरावट के साथ 78,918.90 के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 315 अंकों की कमी के साथ 24,450.45 पर बंद हुआ। इस 'ब्लैक फ्राइडे' ने निवेशकों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
इस गिरावट का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति है, जिसने एक गंभीर संकट का रूप ले लिया है। पिछले सप्ताहांत, अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर एक बड़ा हमला किया, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद, ईरान ने खाड़ी देशों पर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। इस युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो गई है, जिससे विदेशी निवेशकों में भय का माहौल बन गया है और वे भारतीय बाजार से अपने निवेश को निकालने लगे हैं।
मध्य पूर्व के इस तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को भी प्रभावित किया है, जो रातों-रात 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गईं। हालांकि, शुक्रवार को फ्यूचर्स ट्रेड में थोड़ी राहत मिली, जब ब्रेंट क्रूड 2.4 प्रतिशत गिरकर 83.21 डॉलर और डब्लूटीआई क्रूड 3 प्रतिशत घटकर 78.54 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। दूसरी ओर, युद्ध और महंगाई के डर से अमेरिकी शेयर बाजार भी प्रभावित हुए हैं। हालांकि, शुक्रवार को अमेरिकी फ्यूचर्स में थोड़ी स्थिरता देखी गई, लेकिन वैश्विक बाजार से मिल रहे कमजोर संकेतों ने भारतीय शेयर बाजार को बुरी तरह प्रभावित किया है।
