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भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट का सामना

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई, जिसमें सेंसेक्स 1,635.67 अंक और निफ्टी 488.20 अंक नीचे आए। सभी प्रमुख सूचकांकों में गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और विशेषज्ञों की राय।
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भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट का सामना

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का विश्लेषण

इस वित्त वर्ष (2025-26) के अंतिम कारोबारी सत्र में सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में महत्वपूर्ण गिरावट देखी गई। दिन के अंत में, सेंसेक्स 1,635.67 अंक या 2.22 प्रतिशत की कमी के साथ 71,947.55 पर और निफ्टी 488.20 अंक या 2.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,331.40 पर बंद हुआ।


सभी प्रमुख सूचकांकों में गिरावट आई, जिससे लगभग सभी इंडेक्स लाल निशान में समाप्त हुए। निफ्टी पीएसयू बैंक (4.56 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस (3.49 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (3.37 प्रतिशत), निफ्टी रियल्टी (2.84 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया डिफेंस (2.80 प्रतिशत), निफ्टी सर्विसेज (2.72 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (2.58 प्रतिशत), निफ्टी मीडिया (2.50 प्रतिशत) और निफ्टी ऑटो (2.39 प्रतिशत) में गिरावट दर्ज की गई।


लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,447.80 अंक या 2.68 प्रतिशत की कमी के साथ 52,650 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 416.20 अंक या 2.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 15,203.80 पर बंद हुआ। सेंसेक्स में 30 में से केवल दो शेयर हरे निशान में समाप्त हुए।


बाजार में गिरावट के कारण

बजाज फाइनेंस, एसबीआई, इंडिगो, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, ट्रेंट, भारती एयरटेल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एमएंडएम, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा और एशियन पेंट्स जैसे शेयर लूजर्स रहे। केवल टेक महिंद्रा और पावर ग्रिड ही हरे निशान में बंद हुए।


शेयर बाजार में इस बड़ी गिरावट के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केटकैप लगभग 10 लाख करोड़ रुपए घटकर 412 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो कि शुक्रवार को 422 लाख करोड़ रुपए था।


इस गिरावट का मुख्य कारण मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को माना जा रहा है, जिसके समाप्त होने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं। इससे निवेशकों की धारणा कमजोर हुई है।


विशेषज्ञों की राय

एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स प्रमुख सुदीप शाह ने बताया कि वित्त वर्ष 26 के अंतिम दिन बाजार की शुरुआत गैप डाउन के साथ हुई। हालांकि, बाद में थोड़ी रिकवरी हुई, लेकिन ऊपरी स्तर से लगातार बिकवाली ने गिरावट को बढ़ावा दिया। इस कारण निफ्टी 2.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।


उन्होंने यह भी कहा कि निफ्टी के लिए सपोर्ट 22,200 से 22,150 के बीच है, और यदि गिरावट जारी रहती है, तो निफ्टी 22,000 और फिर 21,800 तक जा सकता है। वहीं, 22,450-22,500 रुकावट का स्तर है।