मध्य प्रदेश में क्रूज बोट हादसा: मां और बेटे की दर्दनाक कहानी
क्रूज बोट का पलटना
गुरुवार को मध्य प्रदेश के बरगी बांध के निकट नर्मदा नदी में एक क्रूज बोट अचानक पलट गई। मौसम में अचानक बदलाव आया और तेज तूफान के कारण बोट का संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते बोट में पानी भरने लगा, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। लोग समझ नहीं पाए कि क्या हो रहा है। कुछ ही क्षणों में खुशी का माहौल चीख-पुकार में बदल गया, और कई लोग पानी में गिर गए, अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करने लगे।
एक मां का त्याग
इस हादसे की सबसे दिल दहला देने वाली तस्वीर तब सामने आई जब बचाव दल को एक मां और उसके चार साल के बेटे के शव मिले। मां ने अपने बच्चे को अपने सीने से कसकर पकड़ रखा था, जो यह दर्शाता है कि उसने अपनी आखिरी सांस तक अपने बच्चे को बचाने की कोशिश की। यह दृश्य एक मां के प्यार और बलिदान की सबसे भावुक मिसाल बन गया है।
परिवार की अधूरी छुट्टियां
यह परिवार दिल्ली से घूमने आया था, जिसमें चार सदस्य थे। हादसे में पिता और बेटी किसी तरह बच गए, लेकिन मां और छोटा बेटा इस दुनिया को अलविदा कह गए। जो यात्रा खुशी से भरी होनी चाहिए थी, वह अब हमेशा के लिए दर्द की याद बन गई है।
बचे हुए लोगों की कहानी
हादसे में बचे एक व्यक्ति सैयद रियाज हुसैन ने बताया कि सब कुछ पल भर में बदल गया। उन्होंने कहा कि अचानक तेज हवा और तूफान शुरू हो गया। उनकी पत्नी, सास और पोता कुछ ही सेकंड में नजरों से गायब हो गए। उन्होंने बताया कि बोट डूब रही थी और चारों ओर लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे। वह खुद भी पानी में डूब रहे थे और उन्हें लगा कि अब वह नहीं बचेंगे।
बचाव कार्य की स्थिति
सैयद रियाज हुसैन ने बताया कि जब वह पानी में डूब रहे थे, तब अचानक एक जगह उन्हें सहारा मिला। उनका सिर पानी के ऊपर था और वह सांस ले पा रहे थे। वह करीब दो घंटे तक उसी स्थिति में फंसे रहे। उनके आसपास शव तैर रहे थे, लेकिन वह किसी तरह जिंदा रहे। अंततः बचाव दल ने उन्हें देख लिया और उनकी जान बच गई।
अधिकारियों के अनुसार, अब तक 24 लोगों को बचा लिया गया है, जिनमें से 17 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, अभी भी 5 बच्चों समेत 9 लोग लापता हैं। बचाव दल उनकी तलाश में जुटा हुआ है।
