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मध्य प्रदेश में पत्नी की हत्या की साजिश का खुलासा, डॉक्टर और उसके साथी गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक डॉक्टर ने अपनी पत्नी की हत्या की साजिश रची, जिसे सड़क दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया। पुलिस ने आरोपी और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पता चला कि आरोपी का किसी अन्य महिला के साथ अवैध संबंध था, जिसके चलते उसने अपनी पत्नी की हत्या की। पुलिस ने सबूतों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। जानें इस चौंकाने वाली घटना के बारे में अधिक जानकारी।
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मध्य प्रदेश में पत्नी की हत्या की साजिश का खुलासा, डॉक्टर और उसके साथी गिरफ्तार

सागर में हत्या की साजिश का पर्दाफाश


सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले में पुलिस ने एक पत्नी की हत्या की साजिश का खुलासा किया है, जिसे सड़क दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया था। इस मामले में आरोपी पति और उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, चनाटौरिया टोल प्लाजा के पास एक जलती हुई कार की घटना को पहले एक दुर्घटना समझा गया था।


हालांकि, आगे की जांच में यह हत्या का मामला सामने आया। पुलिस की पूछताछ में यह पता चला कि आरोपी, जो गढ़ाकोटा में एक BAMS डॉक्टर है, ने अपनी पत्नी को कार में बिठाकर घटनास्थल पर लाया। घटना से पहले उसने अपनी पत्नी के परिवार को फोन कर झूठा बताया कि उसे दिल का दौरा पड़ा है। इसके बाद उसने कार में आग लगने की घटना को एक दुर्घटना के रूप में पेश किया। जली हुई कार से उसकी पत्नी का शव बरामद हुआ।


जांच में सामने आए तथ्य

जांच में क्या आया सामने?


जांच में यह भी पता चला कि आरोपी का किसी अन्य महिला के साथ अवैध संबंध था, जिसके कारण पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़े होते थे। इसी कारण डॉक्टर ने अपनी पत्नी का गला घोंटकर हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए CCTV फुटेज डिलीट कर दिया। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस घटना को सड़क दुर्घटना का रूप देने की योजना बनाई।


डॉक्टर के झूठ का खुलासा

डॉक्टर के झूठ का कैसे हुआ पर्दाफाश?


जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल पर माचिस की तीलियां और ज्वलनशील पदार्थों के निशान मिले, जबकि आरोपी डॉक्टर ने दावा किया था कि कार के अंदर CNG टैंक फटने से आग लगी थी। हालांकि, जांच में यह दावा पूरी तरह से झूठा साबित हुआ।


पूछताछ में खुलासे

पूछताछ में क्या आया सामने?


पूछताछ में यह भी सामने आया कि CNG टैंक वास्तव में खाली था और डॉक्टर पिछले दो दिनों से गाड़ी पेट्रोल पर चला रहा था। इसके अलावा, CCTV फुटेज डिलीट करने और पूछताछ के दौरान बार-बार अपने बयान बदलने के कारण आरोपी पुलिस की कड़ी निगरानी में आ गया।


पुलिस ने सबूतों के आधार पर मुख्य आरोपी डॉ. नीलेश कुर्मी को उसके साथियों, रामकृष्णा कुर्मी और शुभम कुर्मी के साथ गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी डॉक्टर ने इस अपराध में शामिल होने के लिए अपने साथियों को 2-2 लाख रुपये देने का लालच दिया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।