मध्य प्रदेश में पीएम स्वनिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को मिलेगी बड़ी राहत
मध्य प्रदेश सरकार का नया फैसला
भोपाल: प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश सरकार ने रेहड़ी पटरी वालों को महत्वपूर्ण राहत देने का निर्णय लिया है। इस निर्णय से राज्य के लाखों स्ट्रीट वेंडर्स को सीधा लाभ होगा। अब पीएम स्वनिधि योजना के तहत दिए जाने वाले लोन पर अधिकतम 14 प्रतिशत ब्याज ही लिया जाएगा। इसके अलावा, जिन लाभार्थियों से पहले ब्याज काटकर लोन दिया गया था, उन्हें वह राशि वापस की जाएगी।
ब्याज वापसी का महत्व
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अनुसार, इस ब्याज वापसी की कुल राशि लगभग 120 करोड़ रुपये होगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से योजना में फिर से विश्वास स्थापित होगा। कोरोना महामारी के बाद छोटे व्यापारियों पर बढ़े आर्थिक दबाव को कम करने के लिए यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
योजना का उद्देश्य
यह योजना केंद्र सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य रेहड़ी पटरी वालों को बिना गारंटी लोन देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। केंद्र सरकार इस योजना के तहत 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी प्रदान करती है, जबकि शेष ब्याज का भार राज्य सरकार उठाती है।
इस व्यवस्था के तहत लाभार्थियों को ब्याज का भुगतान नहीं करना पड़ता है। हालांकि, कई मामलों में यह देखा गया कि कुछ बैंकों ने नियमों का पालन नहीं किया और लोन देते समय ही ब्याज की राशि काट ली। इसके कारण स्ट्रीट वेंडर्स को अपेक्षित राशि से कम पैसा मिला। कई मामलों में ब्याज दर 20 से 25 प्रतिशत तक वसूली गई।
राज्य सरकार की मांग
इस स्थिति के कारण योजना के प्रति लोगों में असंतोष बढ़ने लगा। मध्य प्रदेश सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार को पत्र लिखा और ब्याज दर पर सीमा निर्धारित करने की मांग की। केंद्र सरकार की सहमति के बाद अब यह स्पष्ट किया गया है कि 14 प्रतिशत से अधिक ब्याज नहीं लिया जाएगा। साथ ही, पहले काटी गई ब्याज की राशि लाभार्थियों को लौटाई जाएगी।
लोन की राशि
पीएम स्वनिधि योजना के तहत पहली बार 10 हजार रुपये तक का लोन मिलता है। समय पर लोन चुकाने पर दूसरी बार 20 हजार रुपये तक का लोन दिया जाता है। इसके बाद तीसरी बार 50 हजार रुपये तक का लोन लेने का प्रावधान है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं को और बेहतर किया जाएगा।
समय पर भुगतान करने वाले लाभार्थियों को आगे कैशबैक और क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। सरकार का मानना है कि इन परिवर्तनों से स्ट्रीट वेंडर्स पर आर्थिक बोझ कम होगा। इस निर्णय से छोटे व्यापारियों को बिना किसी डर के योजना का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा।
