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मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री ने सौभाग्य सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सौभाग्य सिंह को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सादगी की अपील का उल्लंघन करने के लिए है। इस नोटिस के बाद, सौभाग्य सिंह को सरकारी कार्यालय में प्रवेश करने से रोका गया है और उनकी सभी शक्तियां वापस ले ली गई हैं। इस घटना के साथ ही, BJP ने भिंड जिले में किसान मोर्चा के अध्यक्ष को भी उनके पद से हटा दिया है। जानें इस मामले में और क्या हुआ और सरकार की प्रतिक्रिया क्या है।
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मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री ने सौभाग्य सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया

मुख्यमंत्री का सख्त कदम


भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के नए अध्यक्ष सौभाग्य सिंह को एक 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया। यह नोटिस उनके द्वारा आयोजित 200 गाड़ियों की रैली के संदर्भ में जारी किया गया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सादगी की अपील का उल्लंघन था।


नोटिस का प्रभाव

अधिकारियों ने बताया कि नोटिस का जवाब मिलने तक सौभाग्य सिंह को सरकारी कार्यालय में प्रवेश करने और सरकारी गाड़ियों का उपयोग करने से रोक दिया गया है। इसके अलावा, उन्हें सभी प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों से तत्काल वंचित कर दिया गया है।


सरकार की प्रतिक्रिया

अधिकारी ने क्या कहा?


एक अधिकारी ने कहा, 'मुख्यमंत्री कार्यालय ने सादगी के उपायों के उल्लंघन का संज्ञान लिया है। सरकार इस रैली को अनावश्यक मानती है और मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि दिखावा और अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।'


अन्य कार्रवाई

और किसपर हुआ एक्शन?


इसी तरह की एक घटना में, BJP ने भिंड जिले में किसान मोर्चा के अध्यक्ष को उनके पद से हटा दिया है। उन पर आरोप था कि उन्होंने सैकड़ों गाड़ियों की रैली का आयोजन किया था। पार्टी के अधिकारियों के अनुसार, सज्जन सिंह यादव को मध्य प्रदेश BJP अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के आदेश पर उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया।


सूत्रों के अनुसार, भिंड शहर में आयोजित रैली का उद्देश्य सज्जन सिंह यादव के किसान मोर्चा अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने का जश्न मनाना था। भिंड शहर भोपाल से लगभग 500 किलोमीटर दूर है। BJP ने यादव को भेजे गए पत्र में कहा कि उनका व्यवहार प्रधानमंत्री मोदी की ईंधन बचाने की अपील के खिलाफ था और इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना गया।


BJP के प्रदेश अध्यक्ष की टिप्पणी

BJP के प्रदेश अध्यक्ष ने क्या कहा?


BJP के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा, 'यादव की नियुक्ति अनुशासनहीनता और प्रधानमंत्री मोदी की बार-बार की अपीलों की अनदेखी के आधार पर रद्द कर दी गई है।'