मध्य प्रदेश में स्कूल में मधुमक्खियों के हमले से छात्र की मौत
मध्य प्रदेश में दिल दहला देने वाली घटना
मध्य प्रदेश: आगर-मालवा जिले में शुक्रवार की सुबह एक भयावह घटना घटी। परीक्षा देने आए बच्चों पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। इस हमले में चौथी कक्षा के छात्र रमन सिंह कराड़ा की जान चली गई, जबकि पांच अन्य बच्चे घायल हो गए।
परीक्षा के दौरान मधुमक्खियों का हमला
यह घटना स्वामी विवेकानंद प्राइवेट स्कूल, सोयतकला में हुई। स्कूल में प्राइमरी स्तर की परीक्षा चल रही थी। सुबह अचानक, 20 साल पुराने मधुमक्खी के छत्ते से हजारों मधुमक्खियां बाहर निकल आईं और बच्चों पर हमला कर दिया। परीक्षा हॉल के आसपास बैठे बच्चे घबरा गए और अफरा-तफरी मच गई।
रमन सिंह कराड़ा ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन मधुमक्खियों ने उसे चारों ओर से घेर लिया। उसे पांच जगह डंक मारे गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अन्य पांच छात्रों को भी मधुमक्खियों ने काटा। स्कूल के स्टाफ और अन्य छात्रों ने तुरंत घायलों की सहायता की और उन्हें सोयतकला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
रमन की मौत और परिवार का दुख
डॉक्टरों ने रमन की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे राजस्थान के झालावाड़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया। वहां इलाज के दौरान दोपहर में रमन की मृत्यु हो गई। अन्य पांच घायल बच्चों का इलाज स्थानीय अस्पताल में किया गया और बाद में उन्हें छुट्टी दे दी गई।
रमन शाजापुर जिले के बेरछा गांव का निवासी था। उसके पिता सज्जन सिंह कराड़ा किसान हैं और मां सोयतकला सरकारी अस्पताल में नर्स हैं। परिवार का दुख अत्यंत गहरा है। रमन का अंतिम संस्कार उसके पैतृक गांव बेरछा में किया गया। स्कूल प्रशासन ने बताया कि पिछले 20 वर्षों से स्कूल की दीवार और पेड़ पर मधुमक्खियों का छत्ता था, लेकिन पहले कभी कोई समस्या नहीं आई थी।
स्थानीय लोगों की चिंताएं और प्रशासन की कार्रवाई
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन को समय-समय पर छत्ते हटवाने चाहिए थे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एसडीएम और शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्कूल प्रशासन को मधुमक्खी के छत्ते तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही अन्य स्कूलों में भी ऐसे छत्तों की जांच करने को कहा गया है। यह घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई है, जिससे अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
