महाराष्ट्र निकाय चुनाव: बीजेपी और एनसीपी के बीच जुबानी जंग
बीजेपी नेता मुरलीधर का आरोप
बीजेपी नेता मुरलीधर मोहोल ने पुणे नगर निगम चुनावों में एनसीपी पर आरोप लगाया है कि वह आपराधिक मामलों में संलिप्त उम्मीदवारों को टिकट दे रही है। इस पर अजित पवार ने बिना बीजेपी का नाम लिए कहा कि जिन लोगों ने उन पर सिंचाई घोटाले के आरोप लगाए थे, वही आज उनके साथ सत्ता में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक अदालत में कोई अपराध साबित नहीं होता, तब तक किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
अजित पवार का जवाब
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने अजित पवार के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि क्या वह बीजेपी के नेतृत्व पर संदेह कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से किसी का भला नहीं होगा। अगर बीजेपी भी इसी तरह जवाब देने लगे, तो यह अजित पवार के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
निकाय चुनावों में अलग-अलग लड़ाई
यह राजनीतिक विवाद उस समय उभरा है जब 15 जनवरी को पुणे नगर निगम चुनाव होने वाले हैं। दिलचस्प बात यह है कि राज्य सरकार में सहयोगी होने के बावजूद बीजेपी और एनसीपी अलग-अलग चुनाव लड़ रही हैं। अजित पवार की पार्टी शरद पवार गुट के साथ चुनावी मैदान में है।
संजय राउत का सुझाव
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने सुझाव दिया है कि अजित पवार की एनसीपी को शरद पवार की एनसीपी में विलय कर लेना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अजित पवार बीजेपी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं, तो वे महायुति सरकार में क्यों बने हुए हैं।
बीजेपी का निर्विरोध जीत
महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों की वोटिंग से 13 दिन पहले, बीजेपी गठबंधन ने 68 सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल की है। बीजेपी को 44 सीटें मिलीं, जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 22 सीटें जीतीं। अजित पवार की पार्टी को दो सीटें मिलीं। अब 15 जनवरी को 29 नगर निगम की बाकी 2801 सीटों पर वोटिंग होगी, और नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे।
