मानसून का आगमन: केरल में 1 जून को दस्तक देने की संभावना
मौसम विभाग का महत्वपूर्ण अपडेट
मानसून का आगमन
भारत एक कृषि प्रधान राष्ट्र है, और इसकी अर्थव्यवस्था में कृषि का योगदान अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए, हर साल मानसून की स्थिति और उसकी सक्रियता पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। मई के प्रारंभ में यह जानना आवश्यक होता है कि मानसून कब भारत में प्रवेश करेगा। इस वर्ष भी भारतीय मौसम विभाग ने मानसून के संबंध में एक महत्वपूर्ण अपडेट प्रदान किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने निर्धारित समय पर आगे बढ़ रहा है और 1 जून को केरल के तट पर पहुंचने की संभावना है। तमिलनाडु, केरल और आस-पास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां तेज हो चुकी हैं, जबकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, जहां आमतौर पर मानसून की पहली दस्तक होती है, वहां आगमन में लगभग दो सप्ताह का समय है।
उत्तर भारत में मौसम में बदलाव
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
भीषण गर्मी के बीच, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर, पूर्वी और मध्य भारत में मौसम में लगातार परिवर्तन हो रहा है। आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ बारिश की घटनाओं में बिहार और झारखंड में छह लोगों की जान चली गई है, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं। इस मौसम के बदलाव का असर पूर्वोत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक देखा जा रहा है, जहां हल्की से लेकर भारी बारिश हो रही है। उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है, और राहत की कोई उम्मीद नहीं है, क्योंकि 11 मई से आंधी-तूफान और बारिश का एक नया दौर शुरू होने वाला है।
जल्द मौसम में बदलाव की संभावना
11 मई से मौसम में बदलाव
आईएमडी ने 11 मई से मौसम में बदलाव की संभावना जताई है। 10 मई को उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में तापमान में तेजी से वृद्धि होने की उम्मीद है, जबकि गुजरात के सौराष्ट्र, कच्छ और पश्चिम राजस्थान में लू चलने की संभावना है। दूसरी ओर, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश, आंधी और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
