मुख्यमंत्री धामी ने चमोली में जनजातीय समागम में भाग लिया
मुख्यमंत्री का समागम में स्वागत
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले में आयोजित तीन दिवसीय जनजातीय समागम सम्मेलन के समापन पर भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने जनजातीय संस्कृति की सराहना की और समुदाय के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
चमोली जनपद के बिरही बेड़ू बगड़ में जनजाति समुदाय द्वारा तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समापन दिवस पर मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से पीपलकोटी पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग से कार्यक्रम स्थल तक गए। पारंपरिक वेशभूषा में सजे आयोजकों ने गाजे-बाजे के साथ मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया।
Live: नीति माणा जनजाति कल्याण समिति चमोली, द्वारा आयोजित ‘जनजाति समागम–2026' https://t.co/7AqYDuKW6m
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) February 21, 2026
आयोजन समिति ने मुख्यमंत्री के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं, जिनमें शीतकालीन आवास के लिए भूमि का निस्तारण, भोटिया पड़ाव बेड़ू बगड़ की भूमि को जनजातीय हित में संरक्षित करना, गौरा देवी के नाम पर मूर्ति स्थापना, और पर्यावरण संरक्षण आधारित पार्क का निर्माण शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को देखकर भावुकता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की परंपराएं और संस्कृति विश्व में अपनी अनोखी पहचान रखती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भोटिया पड़ाव की भूमि को जनजातीय समुदाय के नाम करने की प्रक्रिया चल रही है और सरकार जल्द ही इस पर निर्णय लेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने जनजातीय विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की कांग्रेस सरकारों ने जनजातीय समुदाय का उपयोग केवल वोट बैंक के रूप में किया। उन्होंने यह भी कहा कि सीमांत गांव सामरिक दृष्टि से संवेदनशील हैं और इनके विकास के लिए करोड़ों की योजनाएं बनाई जा रही हैं, जिसमें सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सीएम धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के तहत प्रदेश में 128 गांवों को चिन्हित किया गया है, जहां रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जनजातीय समाज के लिए आवंटित बजट को तीन गुना बढ़ा दिया है, जिससे जनजातीय समुदाय को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।
