मेनका गांधी का विवादित बयान: पटाखे जलाने वालों को बताया देशद्रोही
नई दिल्ली में मेनका गांधी का सख्त बयान
नई दिल्ली: भाजपा की नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी एक बार फिर विवादों में हैं। उन्होंने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के मुद्दे पर एक कड़ा और विवादास्पद बयान दिया है। उनके अनुसार, दिवाली पर होने वाली आतिशबाजी मुख्य रूप से प्रदूषण के लिए जिम्मेदार है, और उन्होंने पटाखे जलाने वालों को देशद्रोही करार दिया। इस बयान ने सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में नई बहस को जन्म दिया है।
पटाखे जलाने वालों को देशद्रोही क्यों कहा?
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेनका गांधी ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पटाखे जलाने वालों के लिए उनके मन में 'देशद्रोही' शब्द के अलावा कोई अन्य शब्द नहीं है। उन्होंने कहा कि दिवाली, दशहरा, शादियों या क्रिकेट मैचों के दौरान पटाखों के कारण हवा इतनी जहरीली हो जाती है कि आम लोगों को सांस लेना मुश्किल हो जाता है। उनके अनुसार, दूसरों की सेहत और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाना राष्ट्रविरोधी कार्य है।
पराली और गाड़ियों के धुएं को बताया झूठ
दिल्ली के प्रदूषण के लिए अक्सर पंजाब और हरियाणा में जलने वाली पराली और वाहनों के धुएं को जिम्मेदार ठहराया जाता है। लेकिन मेनका गांधी ने इन कारणों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि दिवाली से तीन दिन पहले तक दिल्ली की हवा साफ रहती है, लेकिन दिवाली की रात करोड़ों रुपये के पटाखे जलाने के बाद स्थिति बिगड़ जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर दिल्ली में 800 करोड़ रुपये के पटाखे जलाए जाएंगे, तो इसका परिणाम जहरीली हवा के अलावा और क्या होगा।
ग्रीन पटाखे: एक भ्रम
सुप्रीम कोर्ट द्वारा ग्रीन पटाखों के उपयोग की अनुमति मिलने पर भी मेनका गांधी ने असहमति जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रीन पटाखे नाम की कोई चीज नहीं होती। इसे केवल एक भ्रम बताया और कहा कि आतिशबाजी किसी भी रूप में पर्यावरण के लिए हानिकारक है।
धार्मिक संदर्भ और जनता से अपील
मेनका गांधी ने इस मुद्दे को भगवान राम के आगमन से जोड़ते हुए पूछा कि क्या राम और सीता के वनवास से लौटने पर आतिशबाजी की गई थी। उन्होंने जनता से अपील की कि वे प्रदूषण के लिए केवल सरकार को दोष देने के बजाय अपनी जिम्मेदारी समझें। उन्होंने कहा कि जो लोग सबसे ज्यादा पटाखे जलाते हैं, वही बाद में सरकार पर प्रदूषण का आरोप लगाते हैं। उनके 'देशद्रोही' वाले बयान पर फिलहाल तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
