मेरठ में इंटरनेशनल जाट पार्लियामेंट में हंगामा: जाट शब्द हटाने पर नाराजगी
जाट शब्द हटाने पर समाज में आक्रोश
मेरठ में जाट समुदाय का प्रदर्शन
मेरठ में आयोजित इंटरनेशनल जाट पार्लियामेंट में उस समय हंगामा मच गया जब महाराज सूरजमल की प्रतिमा के फाउंडेशन वॉल से 'जाट' शब्द हटा दिया गया। इस पर बिरादरी के लोग धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका आरोप है कि प्रशासन जानबूझकर उनके समाज का अपमान कर रहा है।
लोगों ने कहा कि यह अपमान सहन नहीं किया जाएगा, क्योंकि यह शब्द रातोंरात हटाया गया है। कार्यक्रम के बाद हंगामा हुआ, जब सभी प्रमुख अतिथि, जिनमें भगवंत सिंह मान भी शामिल थे, वापस जा चुके थे। जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ने कहा कि वे अगले एक से दो वर्षों में देश के सभी जाट बहुल गांवों में महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करेंगे।
क्रांतिवीरों की अनदेखी पर चिंता
इससे पहले, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह ने सकौती के हितकारी इंटर कॉलेज में महाराज सूरजमल की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि नेताओं ने अपनी मूर्तियां स्थापित की हैं, लेकिन देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले क्रांतिवीरों को भुला दिया गया है।
नेताओं की बातों पर उठे सवाल
सीएम भगवंत मान ने आगे कहा कि अब नेताओं की बातों पर विश्वास नहीं रहा। उन्होंने कहा कि देश को आजाद हुए 80 साल हो चुके हैं, लेकिन आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। उन्होंने यह भी कहा कि नेताओं को डर है कि अगर उनके बच्चे पढ़ाई कर लेंगे तो गरीबी खत्म हो जाएगी।
