युवाओं की भागीदारी से विकसित भारत की ओर: डोभाल का संदेश
विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का आयोजन
विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग: दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में युवाओं की सक्रियता को बढ़ावा देने के लिए ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ (वीबीवाईएलडी 2026) का दूसरा संस्करण आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा कि भारत की एक समृद्ध सभ्यता थी, जिसने कभी किसी के धार्मिक स्थलों को नहीं तोड़ा और न ही लूटपाट की। लेकिन हम अपने सामने आने वाले खतरों को समझने में असफल रहे, जिससे हमें सबक मिला। सवाल यह है कि क्या हम इस सबक को याद रखेंगे? यदि आने वाली पीढ़ियाँ इसे भूल जाती हैं, तो यह हमारे देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगा।
डोभाल का युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश
डोभाल ने कहा, “मेरी उम्र आपसे बहुत अधिक है, और मेरा अनुभव भी अलग है। मैं आज़ाद भारत में नहीं, बल्कि आज़ादी से पहले के भारत में पैदा हुआ था। आज बहुत कुछ बदल चुका है, लेकिन एक चीज़ जो स्थायी है, वह है निर्णय लेने की क्षमता। आप सभी हर दिन छोटे-बड़े निर्णय लेते हैं, और जैसे-जैसे आप बड़े होते हैं, आपको हर कदम पर निर्णय लेने होंगे। भारत का विकास निश्चित है, और प्रधानमंत्री मोदी ने इसे एक ऐसी दिशा में ले जाने का कार्य किया है कि यह ऑटोपायलट पर भी विकसित हो जाएगा।”
सपनों को साकार करने की आवश्यकता
डोभाल ने आगे कहा, “आप में से अधिकांश ने नए साल पर संकल्प लिया होगा कि आप सोशल मीडिया पर समय बर्बाद नहीं करेंगे और पढ़ाई पर ध्यान देंगे। सही और दूरदर्शी निर्णय लेना आवश्यक है। सपने देखना महत्वपूर्ण है, लेकिन उन्हें वास्तविकता में बदलना भी आवश्यक है। कुछ लोग सफल होते हैं, जबकि अन्य अपने सपनों और निर्णयों के बीच खो जाते हैं।”
इतिहास से सीखने की आवश्यकता
उन्होंने कहा, “भारत की आज़ादी की कहानी में हमारे पूर्वजों ने बलिदान दिया। भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी जैसे नेताओं ने संघर्ष किया। हमें अपने इतिहास से सीखना चाहिए और अपने मूल्यों के आधार पर एक महान भारत का पुनर्निर्माण करना चाहिए।”
सही निर्णय लेने का महत्व
डोभाल ने कहा, “सही निर्णय लेना महत्वपूर्ण है, लेकिन उन्हें सही बनाना और भी अधिक आवश्यक है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपके निर्णय सही हों, आपको पूरी तरह से समर्पित होना होगा। सपने एक दिन में पूरे नहीं होते, और अनुशासन ही सफलता की कुंजी है।”
