राजगीर में मलमास मेले का भव्य उद्घाटन, एक महीने तक चलेगा कार्यक्रम
मलमास का महीना और मेले का शुभारंभ
आज से मलमास का महीना शुरू हो गया है, जिसके साथ ही बिहार के राजगीर में विश्व प्रसिद्ध पुरुषोत्तम मेले का ऐतिहासिक आरंभ हुआ है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की और ध्वजारोहण कर इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
राजगीर में एक महीने तक चलने वाले कार्यक्रम
इस मेले का आयोजन एक महीने तक चलेगा, जो 17 मई से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा। कहा जाता है कि इस दौरान ब्रह्मांड के 33 करोड़ देवी-देवता राजगीर की भूमि पर निवास करते हैं, और इस समय देशभर से श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना के लिए आते हैं।
मुख्यमंत्री का उद्घाटन समारोह
राजगीर में आयोजित होने वाला यह मलमास मेला न केवल बिहार में, बल्कि विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, तप, यज्ञ-हवन और जल कुंड में स्नान करने का आयोजन होता है। सीएम सम्राट चौधरी ने मुख्य द्वार पर रिबन काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की, इसके बाद पूजा-अर्चना और ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद भी उपस्थित थे।
मलमास मेले का महत्व
मलमास के महीने में राजगीर में शाही स्नान का आयोजन किया जाता है, जिसमें साधु-संत भी जल कुंड में स्नान करते हैं। इस बार एक महीने में 6 शाही स्नान की तिथियां निर्धारित की गई हैं। पहला विशेष स्नान 21 मई को होगा, जिसे पंचमी का स्नान भी कहा जाता है। इसके बाद पुरुषोत्तमी एकादशी पर 27 मई को पहला शाही स्नान होगा।
इसके अतिरिक्त, 31 मई को पूर्णिमा के दिन दूसरा शाही स्नान, 5 जून को पंचमी का स्नान, 11 जून को तीसरा शाही स्नान और 15 जून को अमावस्या का स्नान होगा। इसी दिन विसर्जन भी किया जाएगा। महाकुंभ की तरह, इस दौरान नागा साधु भी शाही स्नान के लिए राजगीर आते हैं। यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित है, और इस दौरान किसी भी मांगलिक कार्य से बचने की सलाह दी जाती है।
