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राजस्थान की नई शराब नीति: कीमतों में वृद्धि और समय में बदलाव

राजस्थान सरकार ने 2025-29 के लिए नई शराब नीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिसमें शराब की कीमतों में वृद्धि और दुकानों के समय में बदलाव शामिल है। 1 अप्रैल से वाइन और बीयर की कीमतें बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा, एक्साइज कमिश्नर को दुकानों के समय में बदलाव का अधिकार दिया गया है, जिससे समय बढ़ाकर रात 10 बजे तक किया जा सकता है। इस नीति के प्रभावों पर चर्चा के लिए आज उदयपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक हो रही है। जानें इस नीति के पीछे सरकार का तर्क और विपक्ष की चिंताएं।
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राजस्थान की नई शराब नीति: कीमतों में वृद्धि और समय में बदलाव

राजस्थान में शराब की कीमतों में वृद्धि


जयपुर: राजस्थान सरकार ने 2025-29 के लिए नई एक्साइज और शराब नीति में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं। इस नीति के लागू होने के साथ, 1 अप्रैल से राज्य में वाइन और बीयर की कीमतें बढ़ जाएंगी। एक्साइज ड्यूटी में वृद्धि के कारण, हर बोतल की कीमत में 5 से 20 रुपये तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है।


शराब की दुकानों के समय में बदलाव

नई नीति के तहत, शराब की दुकानों के खुलने के समय पर भी बहस चल रही है। वर्तमान में, ये दुकानें सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक खुलती हैं। लेकिन, नई नीति में एक्साइज कमिश्नर को समय की समीक्षा करने का अधिकार दिया गया है। यह संभावना जताई जा रही है कि राजस्व बढ़ाने के लिए दुकानों का समय दो घंटे बढ़ाकर रात 10 बजे तक किया जा सकता है।


फाइनेंस डिपार्टमेंट के नए निर्देश

फाइनेंस डिपार्टमेंट ने मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए 'लाइसेंस रिन्यूअल गारंटी फीस' में वृद्धि की है। इसका अर्थ है कि कॉन्ट्रैक्टर्स को अपनी दुकानों को बनाए रखने के लिए पिछले वर्ष से अधिक शराब बेचना होगा।


सरकार का तर्क

सरकार का कहना है कि नई आबकारी नीति से प्रदेश के राजस्व में वृद्धि होगी और अवैध शराब पर नियंत्रण को मजबूत किया जा सकेगा। हालांकि, विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने इस संभावित समय वृद्धि पर चिंता व्यक्त की है, यह कहते हुए कि इससे सामाजिक प्रभाव पड़ सकता है।


उदयपुर में मीटिंग का महत्व

एक्साइज पॉलिसी में बदलाव के बाद, एक्साइज कमिश्नर आज उदयपुर में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक कर रहे हैं। इस बैठक में अतिरिक्त एक्साइज कमिश्नर, वित्तीय सलाहकार और सभी जोन के अधिकारी शामिल होंगे, जहां राजस्व लक्ष्य और दुकान आवंटन की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।


कुल मिलाकर, नई आबकारी नीति ने राज्य में शराब व्यापार, उपभोक्ताओं और प्रशासन के बीच नई बहस को जन्म दिया है। अब सभी की नजर उदयपुर में होने वाली बैठक और उसके बाद जारी होने वाले आधिकारिक निर्देशों पर है।