राजस्थान में बस दुर्घटना: परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं
दर्दनाक सड़क हादसा
रविवार को अजमेर जिले में एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई। पुष्कर की खतरनाक घाटी में एक निजी बस अचानक नियंत्रण खोकर गहरी खाई में गिर गई। बस में सवार अधिकांश यात्री एक ही परिवार के सदस्य थे, जो पीसांगन क्षेत्र के एक गांव में 'मायरा' रस्म में शामिल होने जा रहे थे। यह भयानक घटना उत्सव को मातम में बदलने का कारण बनी। इस हादसे में दो लोगों की मौके पर ही जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बस का संतुलन बिगड़ने से मची चीख-पुकार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब बस पुष्कर घाटी के एक तीखे मोड़ पर पहुंची, तो अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। ड्राइवर ने ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बस पलट चुकी थी। हादसे के तुरंत बाद घाटी में यात्रियों की चीख-पुकार गूंज उठी। स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और बस के शीशे तोड़कर फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंच गई और घायलों को अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल भेजा गया।
कलेक्टर और एसपी ने लिया मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर लोक बंधु और पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में घायलों के परिजनों की भीड़ जमा हो गई। कलेक्टर ने डॉक्टरों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया ताकि किसी भी घायल को इलाज में कोई लापरवाही न हो। एसपी ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज गति और घाटी के घुमावदार रास्ते को दुर्घटना का कारण माना जा रहा है। पुलिस ने बस के ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
खुशियों का घर मातम में बदल गया
यह हादसा इसलिए और भी दुखद है क्योंकि बस में सवार सभी लोग किसी मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे। पीसांगन के पास एक गांव में बहन के घर 'मायरा' भरने जा रहे भाइयों और परिजनों की खुशियां एक झटके में समाप्त हो गईं। मृतकों में गुर्जर समाज के दो युवक शामिल हैं। उनकी मौत की खबर सुनते ही उनके घरों में चीख-पुकार मच गई। घायलों में कई महिलाएं और बच्चे भी हैं, जिनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
पुष्कर घाटी: फिर से साबित हुआ 'ब्लैक स्पॉट'
अजमेर की पुष्कर घाटी अपने खतरनाक मोड़ों और गहरी खाइयों के लिए जानी जाती है। यह पहला हादसा नहीं है, इससे पहले भी यहां कई बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घाटी पर स्पीड ब्रेकर और दीवारें नहीं होने के कारण वाहन आसानी से गिर जाते हैं। प्रशासन से बार-बार मांग की जाती रही है कि इस ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। अब एक बार फिर इस दर्दनाक घटना ने अधिकारियों को गंभीरता से सोचने पर मजबूर कर दिया है।
