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राजस्थान में शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा: 20 गिरफ्तार

राजस्थान में तीसरी श्रेणी शिक्षक भर्ती 2022 से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें पुलिस ने 20 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन व्यक्तियों ने 'आउटस्टैंडिंग एथलीट' कोटे के तहत नौकरी पाने के लिए नकली ताइक्वांडो प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किया। एसओजी ने विभिन्न जिलों में छापेमारी की और बिचौलियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और क्या हुआ है।
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राजस्थान में शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा: 20 गिरफ्तार

राजस्थान में शिक्षक भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा


राजस्थान में 2022 की तीसरी श्रेणी शिक्षक भर्ती से संबंधित एक गंभीर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस की विशेष ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने जांच के बाद 20 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने 'आउटस्टैंडिंग एथलीट' कोटे के तहत नौकरी पाने के लिए नकली ताइक्वांडो प्रमाणपत्र और जाली सत्यापन रिपोर्ट का उपयोग किया। पुलिस के अनुसार, इस मामले में कुछ बिचौलियों की भी संलिप्तता पाई गई है, जिन्होंने उम्मीदवारों को फर्जी दस्तावेज मुहैया कराने के लिए भारी रकम ली।


एक साथ कई जिलों में छापेमारी

गुरुवार को एसओजी की टीम ने राजस्थान के विभिन्न जिलों में छापे मारे। इस कार्रवाई में 19 उम्मीदवारों सहित कुल 20 लोगों को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार व्यक्तियों को बाद में जयपुर स्थित एसओजी कार्यालय लाया गया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई कई दिनों की जांच के बाद की गई है और इसमें विभिन्न जिलों की टीमों ने सहयोग किया।


फर्जी ईमेल से सत्यापन रिपोर्ट भेजी गई

जांच में यह भी सामने आया कि ताइक्वांडो प्रमाणपत्रों की पुष्टि के लिए एक ईमेल का सहारा लिया गया था। आरोपियों ने एक ऐसा ईमेल आईडी बनाया जो वास्तविक संस्था के ईमेल के समान दिखता था। इसी के माध्यम से शिक्षा विभाग को सकारात्मक सत्यापन रिपोर्ट भेजी गई। जब अधिकारियों ने ईमेल की भाषा और स्पेलिंग की जांच की, तो उसमें गलतियाँ पाई गईं, जिससे संदेह उत्पन्न हुआ और पूरा मामला उजागर हो गया।


ईमेल का निर्माण विदेश से किया गया

पुलिस की जांच में यह भी पता चला कि फर्जी ईमेल दुबई से बनाया गया था। इसे संचालित करने वाले व्यक्ति का नाम विमलेंदु कुमार झा बताया गया है, जो खेल महासंघ से संबंधित नहीं था। पुलिस पहले ही उसे और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच के दौरान वह सिम कार्ड भी बरामद किया गया, जिसका उपयोग नकली ईमेल बनाने में किया गया था।


बिचौलियों की भूमिका की जांच जारी

एसओजी के अनुसार, इस मामले में कुछ बिचौलियों की भूमिका भी सामने आई है। आरोप है कि उन्होंने उम्मीदवारों से बड़ी रकम लेकर नकली खेल प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन दस्तावेजों के लिए कितनी राशि ली गई और भुगतान का तरीका क्या था। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि शिक्षा विभाग से भेजा गया सत्यापन ईमेल आरोपियों तक कैसे पहुंचा।