रोहतक में अंडरपास निर्माण से सड़क हादसों में कमी की उम्मीद

रोहतक में अंडरपास का निर्माण
रोहतक अंडरपास (Rohtak): दिल्ली बाईपास मार्ग पर बाबा मस्तनाथ यूनिवर्सिटी के निकट सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यहां लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से एक अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के लिए विभाग ने तीन महीने पहले सरकार को प्रस्ताव भेजा था।
यह प्रस्ताव अब मुख्यमंत्री के पास पहुंच चुका है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस सप्ताह फाइल पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जिससे सितंबर में टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी और अक्टूबर में निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा। अंडरपास का निर्माण दिल्ली रोड पर बाबा मस्तनाथ मठ के पास किया जाएगा।
अंडरपास का निर्माण कार्य अक्टूबर से शुरू करने की योजना है, क्योंकि इसे 2026 के दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसलिए विभागीय अधिकारी इस कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए प्रयासरत हैं। बाबा मस्तनाथ यूनिवर्सिटी के अंडरपास के निर्माण से राजधानी को जोड़ने वाले मार्ग पर यातायात व्यवस्था में सुधार होगा।
सड़क हादसों का इतिहास
जानिए... कब-कब हुए हादसे
वर्ष 2024 में, दिल्ली रोड पर मस्तनाथ विवि के सामने सड़क पार कर रहे 19 वर्षीय बीए अंतिम वर्ष के छात्र अनुज मलिक को एक कार ने टक्कर मार दी। गंभीर स्थिति में उसे पीजीआई ले जाया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई। इस मामले में आईएमटी थाने में मामला दर्ज किया गया है।
वर्ष 2023 में, बाबा मस्तनाथ यूनिवर्सिटी के पास दो युवकों की कार की टक्कर से मौत हुई थी। बताया गया कि युवक बाइक से सड़क पार कर रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मारी। हादसे के बाद चालक कार छोड़कर भाग गया था।
फुटओवर ब्रिज का निर्माण
विवि के सामने पहले बना था फुटओवर ब्रिज
हादसों को रोकने के लिए लोक निर्माण विभाग ने पहले बाबा मस्तनाथ यूनिवर्सिटी के सामने दिल्ली बाईपास मार्ग पर एक फुटओवर ब्रिज का निर्माण किया था, लेकिन छात्र और स्टाफ इसका उपयोग नहीं करते थे। इसके बाद विभाग ने इसे ध्वस्त कर दिया ताकि भविष्य में कोई हादसा न हो।
लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन अरुण कुमार ने बताया कि बाबा मस्तनाथ यूनिवर्सिटी के सामने अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। इसका प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था, जिस पर इस सप्ताह मुहर लगने की संभावना है। इस निर्माण कार्य के लिए 5 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। यह कार्य 2026 तक पूरा किया जाएगा ताकि यहां होने वाले हादसों को रोका जा सके।