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रोहिणी स्कूल में 12वीं के छात्र के पास पिस्तौल और गोलियां मिलीं

सोमवार को रोहिणी के एक निजी स्कूल में एक 12वीं कक्षा के छात्र को पिस्तौल और जिंदा गोलियों के साथ गिरफ्तार किया गया। छात्र ने एक व्यक्तिगत विवाद के चलते हथियार लाया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और छात्र को अदालत में पेश किया गया। जानें इस घटना के बारे में और क्या जानकारी मिली है।
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रोहिणी स्कूल में 12वीं के छात्र के पास पिस्तौल और गोलियां मिलीं

घटना का विवरण


नई दिल्ली: सोमवार को रोहिणी के एक निजी विद्यालय में एक 12वीं कक्षा के छात्र को एक हस्तनिर्मित पिस्तौल और जिंदा कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, यह छात्र 18 वर्ष का था और उसने एक व्यक्तिगत विवाद के चलते दूसरे छात्र को डराने के लिए यह हथियार स्कूल में लाया था। सौभाग्य से, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ और न ही कोई गोली चली।


पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि यह घटना तब उजागर हुई जब स्कूल के एक एस्टेट ऑफिसर ने दूसरी मंजिल पर छात्र को संदिग्ध तरीके से हरकत करते देखा। ऑफिसर ने देखा कि छात्र टॉयलेट में कुछ छिपाने की कोशिश कर रहा था, जिससे उसकी चिंता बढ़ गई। जब ऑफिसर ने छात्र से पूछताछ की, तो वह वहां से भागने लगा, जिससे स्थिति और भी संदिग्ध हो गई।


हथियार की बरामदगी

बाद में, स्कूल स्टाफ ने छात्र को स्टेज एरिया के पास रोक लिया और उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान, उसके पास से एक देसी पिस्तौल और 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए। इस खोज ने स्कूल अधिकारियों को चौंका दिया, क्योंकि स्कूल में हथियारों का होना छात्रों और स्टाफ के लिए गंभीर खतरा है।


पुलिस की रिपोर्ट

इस मामले की जानकारी तुरंत स्कूल के प्रिंसिपल को दी गई और पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित किया गया। पुलिस ने बिना समय गंवाए स्कूल पहुंचकर छात्र को हिरासत में लिया। छात्र के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो अवैध हथियारों के रखरखाव से संबंधित है। पुलिस ने पिस्तौल और गोलियों को सबूत के तौर पर जब्त कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में छात्र ने स्वीकार किया कि उसने व्यक्तिगत विवाद के कारण हथियार लाया था, लेकिन उसने किसी को धमकी नहीं दी।


जांच की दिशा

पुलिस ने पुष्टि की है कि किसी को चोट नहीं आई और स्थिति को जल्दी नियंत्रित कर लिया गया। छात्र को बाद में रोहिणी की अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस को दो दिन की हिरासत मिली ताकि आगे की जांच की जा सके। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्र को यह हथियार कहां से मिला और क्या किसी और ने उसे यह हथियार दिलाने में मदद की। इस मामले ने छात्रों की सुरक्षा और अवैध हथियारों की उपलब्धता के बारे में गंभीर चिंताएं उत्पन्न की हैं।