लखनऊ की तकनीकी विश्वविद्यालय में करोड़ों के टेंडर में घोटाला
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय में घोटाले का मामला
लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय में करोड़ों रुपये के टेंडर में एक बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। यह टेंडर एक ऐसी कंपनी को दिया गया है, जो तकनीकी मानकों पर खरा नहीं उतरती। इसके बावजूद, अधिकारियों की मिलीभगत से ₹12.29 करोड़ का टेंडर स्वीकृत कर दिया गया। इस मामले की शिकायत उच्च न्यायालय तक पहुंच चुकी है, जो अभी विचाराधीन है। इसके बावजूद, विश्वविद्यालय प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय में टेंडर संख्या: GEM/2025/B/6168972 जारी किया गया था। इसके बाद कई अनियमितताएं सामने आईं। मानकों की अनदेखी करते हुए इस टेंडर के तहत लगभग ₹12.29 करोड़ का कार्यादेश जारी किया गया। जब यह मामला उजागर हुआ, तो इसकी शिकायतें शुरू हुईं। इसके बावजूद, विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यादेश जारी करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इस मामले की शिकायत लखनऊ उच्च न्यायालय तक पहुंच गई है, जो अभी विचाराधीन है।
आरोप है कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय के वर्तमान प्रशासन, विशेषकर कुलपति और संबंधित मूल्यांकन समिति ने टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं की हैं, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता का उल्लंघन हुआ है। यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, तो पूरा सच सामने आ सकता है।
अधिकारियों की मिलीभगत
इस टेंडर प्रक्रिया में अधिकारियों की बड़ी मिलीभगत सामने आई है। अधिकारियों ने अपने करीबी कंपनियों को टेंडर में शामिल किया और तमाम कमियों के बावजूद ₹12.29 करोड़ का टेंडर उन्हें दिला दिया। यदि इस मामले की जांच की जाए, तो भ्रष्टाचार का पूरा मामला उजागर होगा।
