Newzfatafatlogo

लेखिका लक्ष्मी अग्रवाल के काव्य-संग्रह का भव्य लोकार्पण समारोह

गाजियाबाद में आयोजित एक भव्य समारोह में लेखिका लक्ष्मी अग्रवाल के काव्य-संग्रह 'खिड़की पर बैठी कविता' का लोकार्पण किया गया। इस कार्यक्रम में कई प्रमुख साहित्यकारों और अतिथियों ने भाग लिया और पुस्तक के विषय में अपने विचार साझा किए। डॉ. सविता चड्ढा ने पुस्तक की विशेषताओं पर प्रकाश डाला, जबकि मुख्य अतिथि अशोक गुप्ता ने इसकी सफलता की कामना की। लेखिका ने अपने शीर्षक के पीछे की भावना को साझा किया, जो जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाती है। इस समारोह में नन्हीं गुंजन की नृत्य प्रस्तुति ने भी सभी का मन मोह लिया।
 | 
लेखिका लक्ष्मी अग्रवाल के काव्य-संग्रह का भव्य लोकार्पण समारोह

समारोह का आयोजन

सुशील कुमार शर्मा


गाजियाबाद: साहित्य और समाज के प्रति समर्पित संस्था सरन शब्द-गुंजन द्वारा लेखिका श्रीमती लक्ष्मी अग्रवाल की काव्य-संग्रह 'खिड़की पर बैठी कविता' का भव्य लोकार्पण एवं सम्मान समारोह 15 मई 2026 को स्काईटेक मगध, वैशाली, गाजियाबाद में आयोजित किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकारा डॉ. सविता चड्ढा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में श्री अशोक गुप्ता उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि डॉ. ओमप्रकाश प्रजापति और डॉ. नीरजा मेहता 'कमलिनी' ने भी समारोह की शोभा बढ़ाई। मंच संचालन नयन नीरज 'नायाब' ने प्रभावशाली तरीके से किया, जबकि कार्यक्रम के आयोजक विकास अग्रवाल थे।


साहित्यकारों की उपस्थिति

इस कार्यक्रम में डॉ. मनोज कामदेव, श्रीमती संगीता वर्मा, श्रीमती बबली सिन्हा 'वान्या', गुंजन अग्रवाल, श्रीमती पूजा श्रीवास्तव, देवेन्द्र प्रकाश शर्मा, भूपेंद्र राघव, श्रीमती दीपिका वल्दिया, डॉ. अर्चना गर्ग, श्रीमती संगीता पीयूष गुप्ता, डॉ. ऋतु अग्रवाल, सुश्री जोया, हिमांशु शुक्ला, अशोक कुमार, लवनीश सिंह और राजकुमार चौहान सहित कई साहित्य प्रेमियों ने भाग लिया।


काव्य-पाठ और विचार

समारोह में सभी साहित्यकारों और अतिथियों ने काव्य-पाठ के माध्यम से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई और पुस्तक पर अपने विचार साझा किए। डॉ. सविता चड्ढा ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में ईश वंदना को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जो महिलाएं घर और कार्यक्षेत्र में संतुलन बनाकर चलती हैं, वही असली सफलता प्राप्त करती हैं। उन्होंने कहा कि परिवार से मुंह मोड़ लेना असली सफलता नहीं है। विशिष्ट अतिथि डॉ. नीरजा मेहता 'कमलिनी' ने कहा कि यह पुस्तक लेखिका के दिल की खिड़की है, जिससे उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझा जा सकता है।


मुख्य अतिथि का संबोधन

मुख्य अतिथि अशोक गुप्ता ने पुस्तक की सफलता की कामना करते हुए कहा कि यह कृति 'खिड़की के भीतर' की कहानियों और भावनाओं को व्यक्त करती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि लेखिका की अगली पुस्तक 'खिड़की के बाहर' भी इसी तरह के अनुभवों पर केंद्रित होगी। डॉ. ओमप्रकाश प्रजापति ने पुस्तक के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह काव्य-संग्रह नारी जीवन के विभिन्न आयामों को संवेदनशीलता से प्रस्तुत करता है। मंच संचालक नयन नीरज 'नायाब' ने पुस्तक की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें पिता की छांव, माँ-बेटी का रिश्ता, मिट्टी से जुड़ाव और जीवन के महत्वपूर्ण मनकों को सुंदरता से पिरोया गया है।


लेखिका का संदेश

इस अवसर पर लेखिका श्रीमती लक्ष्मी अग्रवाल ने पुस्तक के नामकरण के पीछे की भावना साझा करते हुए कहा कि 'खिड़की पर बैठी कविता' शीर्षक मैंने इसलिए चुना क्योंकि खिड़की मेरे लिए केवल घर का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया को देखने का एक माध्यम है। यह वह स्थान है जहाँ इंसान बाहर की दुनिया को देखता है और अपने भीतर की दुनिया से भी मिलता है। कार्यक्रम में नन्हीं गुंजन की मनमोहक नृत्य प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। समारोह में शामिल सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति-चिह्न और पुष्पहार देकर सम्मानित किया गया। अंत में आयोजक विकास अग्रवाल ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।