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वंदे मातरम को राष्ट्रगान के समान दर्जा, सजा और जुर्माना लागू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में वंदे मातरम को राष्ट्रगान के समान दर्जा देने का प्रस्ताव पारित किया गया है। इसके तहत, वंदे मातरम के अपमान या गायन में बाधा डालने पर सजा का प्रावधान होगा। यह बदलाव वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर किया जा रहा है। जानें इस निर्णय के पीछे की वजह और केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन के बारे में।
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वंदे मातरम को राष्ट्रगान के समान दर्जा, सजा और जुर्माना लागू

कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में वंदे मातरम को राष्ट्रगान के समान दर्जा देने का प्रस्ताव पारित किया गया है। इस निर्णय के तहत, राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम में संशोधन किया जाएगा, जिससे वंदे मातरम पर वही नियम लागू होंगे जो वर्तमान में राष्ट्रगान पर हैं। इसका मतलब है कि इसके अपमान या गायन में बाधा डालने पर सजा का प्रावधान होगा।


सजा का प्रावधान

सरकार वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह बदलाव कर रही है। कानून की धारा 3 में संशोधन किया जाएगा, जिसके अनुसार यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रगान गाने में बाधा डालता है, तो उसे तीन साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों का सामना करना पड़ सकता है। दोबारा अपराध करने पर कम से कम एक साल की सजा का प्रावधान है।


केंद्र सरकार की गाइडलाइन


  • केंद्र सरकार ने वंदे मातरम के संपूर्ण आधिकारिक वर्जन को प्रमुख राजकीय समारोहों में प्रस्तुत करने के लिए गाइडलाइन जारी की है। इसमें छह श्लोक शामिल हैं और इसकी अवधि लगभग 3 मिनट और 10 सेकंड है।

  • यदि किसी कार्यक्रम में वंदे मातरम और राष्ट्रगान दोनों गाए जाने हैं, तो पहले वंदे मातरम गाया जाएगा। दर्शकों को दोनों प्रदर्शनों के दौरान सम्मान के प्रतीक के रूप में खड़े रहने की अपेक्षा की गई है।

  • सिनेमा हॉल में वंदे मातरम के साउंडट्रैक के हिस्से के रूप में बजाए जाने पर दर्शकों को खड़े होने की आवश्यकता नहीं होगी।

  • गृह मंत्रालय ने स्कूलों और कॉलेजों में वंदे मातरम गाने को बढ़ावा देने का आग्रह किया है।