वैशाली में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान चार लोगों की मौत
दर्दनाक हादसा वैशाली में
बिहार के वैशाली जिले के अनवरपुर गांव में रविवार को एक भयानक घटना घटी। सेप्टिक टैंक की सफाई करते समय जहरीली गैस के कारण एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान चली गई। मृतकों में तीन भाई और एक भतीजा शामिल हैं। यह घटना तब हुई जब परिवार के सदस्य एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में टैंक में उतरते गए और सभी गैस के प्रभाव में आ गए।
शादी की खुशियों का मातम में बदलना
इस हादसे में 24 वर्षीय राहुल कुमार भी शामिल हैं, जिनकी शादी केवल पांच दिन पहले 24 फरवरी को हुई थी। परिवार के सदस्य असम में काम करते थे और शादी के लिए लगभग 20 दिन पहले गांव लौटे थे। घर में जश्न का माहौल अभी खत्म नहीं हुआ था कि यह दुखद घटना घट गई। नई दुल्हन के हाथों की मेहंदी भी सूखी नहीं थी कि पति की मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया।
एक को बचाने में चार की जान गई
परिवार और गवाहों के अनुसार, रविवार दोपहर लगभग 12 बजे 15 फुट गहरे सेप्टिक टैंक की सफाई शुरू हुई। सबसे पहले 18 वर्षीय प्रियांशु कुमार टैंक में उतरा, लेकिन कुछ समय बाद उसकी आवाज बंद हो गई। उसे देखने उसके पिता आनंद कुमार नीचे गए, लेकिन वे भी बेहोश हो गए।
इसके बाद आनंद के दोनों भाई पंकज और राहुल भी उन्हें बचाने के लिए टैंक में उतर गए। मीथेन और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस के कारण चारों बेहोश होकर गिर पड़े और उनकी जान चली गई।
बचाव में उतरे तीन गांव वाले भी बेहोश
जब चारों बाहर नहीं आए, तो तीन अन्य गांव वाले उन्हें बचाने के लिए अंदर गए, लेकिन वे भी गैस के प्रभाव में आकर बेहोश हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस और अग्निशामक दल मौके पर पहुंचे। एक जवान रस्सी बांधकर टैंक में उतरा और सभी को बाहर निकाला।
सभी को तुरंत हाजीपुर सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। तीन अन्य ग्रामीणों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।
गांव में शोक की लहर
मृतकों की पहचान आनंद कुमार (46), राहुल कुमार (24), पंकज कुमार और प्रियांशु कुमार (18) के रूप में हुई है। घटना के बाद अनवरपुर गांव में सन्नाटा छा गया है और शिवजी साह के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सेप्टिक टैंक की सफाई बिना सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षित कर्मियों के न करें, क्योंकि ऐसे टैंक में जमा गैस जानलेवा हो सकती है।
