शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों को हुआ 4.24 लाख करोड़ का नुकसान
बाजार में अचानक आई गिरावट
मुंबई: लगातार तीन दिनों की तेजी के बाद मंगलवार की सुबह शेयर बाजार के लिए एक बुरा सपना साबित हुआ। जैसे ही बाजार खुला, एक बड़ा झटका लगा और शुरुआती कुछ सेकंड में ही निवेशकों के लगभग 4.24 लाख करोड़ रुपये डूब गए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों द्वारा की जा रही बिकवाली ने बाजार का माहौल बिगाड़ दिया। इस दबाव के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट आई, जिससे पूरे बाजार में लाल निशान छा गए।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
शुरुआती कारोबार में प्रमुख इंडेक्स बुरी तरह प्रभावित हुए। बीएसई का सेंसेक्स 1.05 प्रतिशत गिरकर 73,326.61 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई का निफ्टी 0.9 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,771.75 पर आ गया। यह गिरावट केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी लगभग 1 प्रतिशत तक टूट गए। इस बिकवाली के कारण बीएसई में लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू में 4.24 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।
निवेशकों को भारी नुकसान
इस गिरावट में कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों ने निवेशकों को नुकसान पहुंचाया। इंडिगो, जोमैटो की पेरेंट कंपनी इटरनल, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), एक्सिस बैंक और एशियन पेंट्स के शेयरों में 2 से 3 प्रतिशत की गिरावट आई। हालांकि, कुछ कंपनियों जैसे बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और आईटीसी के शेयरों में मामूली बढ़त देखने को मिली।
सेक्टरों में गिरावट
सेक्टरल इंडेक्स के अनुसार, निफ्टी ऑटो को सबसे अधिक नुकसान हुआ, जो शुरुआती ट्रेडिंग घंटों में 2 प्रतिशत से अधिक गिर गया। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में भी 1.9 प्रतिशत की गिरावट आई। दूसरी ओर, 'इंडिया विक्स' में 2 प्रतिशत का उछाल आया, जो निवेशकों की घबराहट को दर्शाता है। हालांकि, निफ्टी मेटल में 0.7 प्रतिशत की हल्की बढ़त रही। एनएसई पर इस उथल-पुथल के बीच लगभग 1,105 शेयरों में गिरावट आई, जबकि 1,398 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।
