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श्रमिकों के लिए नई पेंशन और सामाजिक सुरक्षा सुधारों की सिफारिशें

संसदीय स्थायी समिति ने श्रमिकों के लिए कई महत्वपूर्ण सुधारों की सिफारिश की है, जिसमें पेंशन राशि में वृद्धि, गिग वर्कर्स का पंजीकरण, और बाल श्रम समाप्त करने के उपाय शामिल हैं। समिति ने श्रमिकों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। जानें इन सिफारिशों का क्या प्रभाव पड़ेगा और कैसे ये श्रमिकों के जीवन को बेहतर बनाएंगे।
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श्रमिकों के लिए नई पेंशन और सामाजिक सुरक्षा सुधारों की सिफारिशें

नई दिल्ली में श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण सिफारिशें


नई दिल्ली: देश के लाखों श्रमिकों के लिए संसदीय स्थायी समिति ने एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत की है। समिति के अध्यक्ष बसवराज बोम्मई ने लोकसभा में 2026-27 के लिए अनुदान मांगों पर अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें श्रमिकों की आर्थिक स्थिति और सामाजिक सुरक्षा में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण सिफारिशें की गई हैं। इसका मुख्य उद्देश्य महंगाई के बढ़ते स्तर के बीच पेंशनभोगियों और दिहाड़ी मजदूरों को एक सम्मानजनक जीवन प्रदान करना और श्रम बाजार को अधिक पारदर्शी बनाना है।


संसदीय पैनल ने ईपीएस-1995 योजना के तहत दी जा रही न्यूनतम मासिक पेंशन को अपर्याप्त बताया है। वर्तमान में यह राशि केवल 1000 रुपये है, जो बुजुर्गों के लिए जीवन यापन के लिए पर्याप्त नहीं है। समिति ने सिफारिश की है कि महंगाई और जीवनयापन के खर्चों को ध्यान में रखते हुए इस पेंशन राशि में जल्द से जल्द वृद्धि की जानी चाहिए, जिससे रिटायर हो चुके लाखों श्रमिकों को आर्थिक सहायता मिल सके।


गिग वर्कर्स का पंजीकरण

नई अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से माने जाने वाले गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को मुख्यधारा में लाने के लिए ई-श्रम पोर्टल पर उनका पंजीकरण अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा गया है। समिति का कहना है कि एग्रीगेटर कंपनियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए ताकि इन श्रमिकों को बीमा और दुर्घटना कवरेज का लाभ मिल सके। यह कदम अस्थाई कर्मचारियों को भविष्य में सामाजिक सुरक्षा का एक मजबूत आधार प्रदान करेगा।


मजदूरी और बीमा कवरेज

मजदूरी के संदर्भ में, समिति ने राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन को बढ़ाने और समय-समय पर इसमें स्वतः संशोधन की प्रक्रिया विकसित करने पर जोर दिया है। ठेका श्रमिकों के लिए ईएसआई और पीएफ के लाभ सुनिश्चित करने की बात भी की गई है। समिति ने केंद्र और राज्य सरकारों से अनुरोध किया है कि वे इन नियमों के पालन के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था स्थापित करें ताकि श्रमिकों के साथ कोई अन्याय न हो।


बाल श्रम और रोजगार लक्ष्य

बाल श्रम को समाप्त करने के लिए, समिति ने पुराने ढांचे में सुधार और सर्व शिक्षा अभियान के साथ विलय की योजना पर पुनर्विचार करने का सुझाव दिया है। रोजगार सृजन के लिए प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की नियमित समीक्षा की जाएगी। जुलाई 2027 तक देश में 3.5 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करने के लक्ष्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।


नियामक सुधार और सुरक्षा

खान सुरक्षा विभाग में खाली पदों को भरने और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित करने की सिफारिश की गई है। केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर सहयोग के लिए एक स्थायी बोर्ड के गठन का सुझाव रिपोर्ट में शामिल है। समिति का मानना है कि इन नियामक सुधारों से श्रम बाजार अधिक अनुशासित होगा और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा का एक नया युग शुरू होगा।