सचिन अवस्थी का अनुभव: जेजू आइलैंड और चीन में हिरासत की कहानी
सचिन अवस्थी का अनुभव
भारती के कंटेंट क्रिएटर सचिन अवस्थी ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा करते हुए साउथ कोरिया के जेजू आइलैंड और चीन में बिताए गए कठिन समय का जिक्र किया है। उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के 38 घंटों तक हिरासत में रखा गया और उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया।
जेजू आइलैंड पर हिरासत
सचिन ने बताया कि वे जेजू आइलैंड पर बहुत उत्साहित होकर पहुंचे थे, लेकिन इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें प्रवेश देने से मना कर दिया। उन्हें एक होल्डिंग एरिया में ले जाया गया, जो जेल जैसा था। सचिन ने आरोप लगाया कि वहां न तो धूप थी और न ही बाहर जाने का कोई विकल्प। उन्हें जेल का खाना दिया गया और उनकी हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी गई।
महंगे टिकट के लिए दबाव
सचिन ने यह भी कहा कि अधिकारियों ने उन्हें भारत लौटने के लिए अत्यधिक महंगा रिटर्न टिकट बुक करने के लिए मजबूर किया। उन्होंने बताया कि टिकट की कीमत सामान्य से 10 गुना अधिक थी, लेकिन उस समय उनके पास बहस करने की स्थिति नहीं थी, वे केवल सुरक्षित बाहर निकलना चाहते थे।
चीन में कड़ी निगरानी
चीन में भी सचिन के हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि वहां उन्हें फोन का उपयोग करने की अनुमति नहीं थी और खाना-पानी भी बहुत कम दिया गया। उन्होंने यह चौंकाने वाला दावा किया कि जब वे टॉयलेट जाते थे, तब भी एक पुलिस अधिकारी बॉडीकैम पहनकर उन पर नजर रखता था।
यात्रियों के लिए सलाह
सचिन अवस्थी ने स्पष्ट किया कि वे यह जानकारी सहानुभूति पाने के लिए नहीं, बल्कि दूसरों को जागरूक करने के लिए साझा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इमिग्रेशन का निर्णय लेना अधिकारियों का अधिकार है, लेकिन किसी के साथ बुरा व्यवहार करना गलत है। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर एक विस्तृत वीडियो भी अपलोड किया है ताकि भविष्य में अन्य यात्री ऐसी स्थिति से बच सकें.
