सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए एलपीजी सिलेंडर कोटा बढ़ाया
नई दिल्ली में राहत की घोषणा
नई दिल्ली: देशभर में एलपीजी सिलेंडर की कमी से आम जनता, विशेषकर प्रवासी श्रमिकों और गरीब परिवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब 5 किलो के छोटे सिलेंडरों का कोटा दोगुना कर दिया गया है। सरकार ने बताया कि मार्च में जितने सिलेंडर रोजाना उपलब्ध कराए जा रहे थे, अब उनकी संख्या दोगुनी होगी, जो श्रमिकों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगा, खासकर उन लोगों के लिए जिनके पास स्थायी गैस कनेक्शन नहीं है।
5 किलो सिलेंडर का कोटा दोगुना किया गया
सरकार ने 5 किलो के एफटीएल सिलेंडर का कोटा पहले से निर्धारित 20 प्रतिशत के अतिरिक्त अब दोगुना कर दिया है। 2-3 मार्च 2026 को जितने सिलेंडर एक दिन में सप्लाई करने का लक्ष्य था, अब उससे दोगुना सिलेंडर राज्यों को भेजे जाएंगे। ये सिलेंडर मुख्य रूप से उन श्रमिकों और छात्रों के लिए हैं जिन्हें स्थायी पते की कमी के कारण नियमित गैस कनेक्शन नहीं मिल पाता। अब एक पहचान पत्र दिखाकर आसानी से छोटा सिलेंडर प्राप्त किया जा सकेगा।
मजदूरों को मिली राहत
एक दिन पहले राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया था कि वह मजदूरों और गरीबों पर सबसे बड़ा हमला कर रही है। उन्होंने कहा था कि मजदूरों को फिर से अपने गांव लौटने की नौबत आ सकती है। लेकिन सरकार ने तुरंत निर्णय लेकर मजदूर वर्ग को राहत प्रदान की है। यह नया कोटा पहले वाले कोटे के अतिरिक्त होगा, जिससे मजदूरों और गरीब परिवारों को रोजाना रसोई के लिए गैस प्राप्त करने में आसानी होगी।
ब्लैक मार्केटिंग पर नियंत्रण
एलपीजी की कमी की खबरों के साथ ही ब्लैक मार्केटिंग का सिलसिला शुरू हो गया था। सरकार ने अब एक समय-सीमा निर्धारित कर दी है कि एक कनेक्शन पर पहले से तय दिनों से पहले बुकिंग नहीं हो सकेगी। छोटे सिलेंडर का कोटा बढ़ाने का उद्देश्य यह है कि जरूरतमंद लोगों तक सिलेंडर सही समय पर पहुंचे और कालाबाजारी पर रोक लगे। राज्य सरकारों और ऑयल कंपनियों को इस दिशा में निर्देश दिए गए हैं।
इंडक्शन चूल्हों के लिए ढील
विद्युत मंत्रालय ने इंडक्शन चूल्हों के लिए स्टार रेटिंग अनिवार्य करने की तारीख को टाल दिया है। पहले यह 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाली थी, लेकिन अब इसे 1 जनवरी 2027 कर दिया गया है। सरकार ने ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के परामर्श से यह निर्णय लिया है। इस छह महीने की ढील से आम लोगों और छोटे व्यापारियों को कुछ राहत मिलेगी।
