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सरकार ने रसोई गैस के दाम बढ़ाए, निजी कंपनियों को दी राहत

हाल ही में, सरकार ने रसोई गैस के दाम में वृद्धि की है, जिससे आम जनता पर बोझ बढ़ गया है। साथ ही, निजी पेट्रोलियम कंपनियों को राहत देते हुए डीजल निर्यात पर लगने वाले टैक्स को घटाया गया है। इस कदम से कंपनियों के मुनाफे में वृद्धि की संभावना है। इसके अलावा, एटीएफ पर भी टैक्स में कमी की गई है, जिससे विमानन क्षेत्र में पर्यावरण के अनुकूल ईंधन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। जानें इस निर्णय के पीछे की वजह और इसके संभावित प्रभाव।
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सरकार ने रसोई गैस के दाम बढ़ाए, निजी कंपनियों को दी राहत

रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि

नई दिल्ली। हाल ही में रसोई गैस के दाम में भारी वृद्धि की गई है, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। इसी बीच, सरकार ने निजी पेट्रोलियम कंपनियों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। सरकार ने विंडफॉल गेन टैक्स, जो निर्यात पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क है, को घटाने का निर्णय लिया है।


एक मई से अगले 15 दिनों के लिए डीजल निर्यात पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी को 55.5 रुपए से घटाकर 23 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। इस प्रकार, केंद्र सरकार ने एक बार में 32 रुपए प्रति लीटर की कमी की है।


इस कमी के चलते भारत की निजी रिफाइनिंग कंपनियों, जैसे रिलायंस और नायरा, को विदेशी बाजारों में ईंधन बेचना सस्ता पड़ेगा, जिससे उनके मुनाफे में वृद्धि होने की संभावना है। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर आयात शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है, इसलिए आम जनता के लिए ईंधन की कीमतें कम नहीं होंगी।


एटीएफ पर भी राहत

इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार ने एयर टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) पर लगने वाले स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी को घटाकर 33 रुपए प्रति लीटर कर दिया है, जबकि अप्रैल में यह 42 रुपए थी।


पेट्रोलियम मंत्रालय ने ईंधन की परिभाषा में बदलाव करते हुए एटीएफ में सिंथेटिक फ्यूल की ब्लेंडिंग की अनुमति भी दे दी है। इससे विमानन क्षेत्र में पर्यावरण के अनुकूल और वैकल्पिक ईंधन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।