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सीबीएसई 12वीं परीक्षा में गड़बड़ियों पर सरकार की कार्रवाई

सीबीएसई की 12वीं कक्षा की परीक्षा में गड़बड़ियों के चलते सरकार ने कार्रवाई शुरू की है। चेयरमैन और सचिव का तबादला किया गया है, और ओएसएम प्रक्रिया की जांच के लिए समिति का गठन किया गया है। छात्रों ने गड़बड़ियों की शिकायत की है, जिसके कारण पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया में भी देरी हुई। जानें इस मामले में क्या हुआ और छात्रों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ा।
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सीबीएसई 12वीं परीक्षा में गड़बड़ियों पर सरकार की कार्रवाई

सीबीएसई में गड़बड़ियों की जांच शुरू


नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं कक्षा की परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के चलते सरकार ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विवाद बढ़ने के लगभग दो हफ्ते बाद, सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला किया गया है। इसके साथ ही, ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) के टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।


इस बार सीबीएसई ने 12वीं की परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच ओएसएम प्रक्रिया के तहत की थी, जिसके लिए कोएम्प्ट नामक कंपनी को ठेका दिया गया था। परीक्षा परिणाम के बाद, लाखों छात्रों ने गड़बड़ियों की शिकायत की। यह पहली बार हुआ है कि चार लाख से अधिक छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया। इस दौरान कई अन्य समस्याएं भी सामने आईं, जैसे खराब स्कैनिंग, कॉपियों की अदला-बदली, और पृष्ठों का छूट जाना।


आरोप है कि कोएम्प्ट को ठेका देने के लिए कई शर्तों में बदलाव किया गया था, जिसके चलते इसकी जांच का आदेश दिया गया है। पुनर्मूल्यांकन के आवेदन के दौरान छात्रों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिसके कारण आवेदन की समय सीमा कई बार बढ़ाई गई। पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया एक जून से शुरू होनी थी, लेकिन यह समय पर नहीं हो पाई। अंततः, यह प्रक्रिया मंगलवार, दो जून से शुरू हुई।


सीबीएसई ने बताया कि उसके पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर साइबर अटैक हुआ था। बोर्ड के अनुसार, दो मिनट में 15 लाख एक्सेस प्रयास हुए, और एक लाख से अधिक बार सिस्टम की फाइलों तक बिना अनुमति पहुंचने की कोशिश की गई। हालांकि, साइबर अटैक के बावजूद, पोर्टल कार्यशील रहा और दोपहर तीन बजे तक 16 हजार से अधिक छात्रों ने आवेदन किया। यह पोर्टल सोमवार से शुरू होना था।


13 मई को सीबीएसई ने 12वीं के परिणाम घोषित किए थे। परिणाम आने के बाद कई छात्रों ने अंकों को लेकर शिकायत की, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई। छात्रों ने खुद कई गड़बड़ियों का खुलासा किया, जिसमें वेदांत और सार्थक नाम के छात्रों ने सबसे अधिक जानकारी दी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी ओएसएम प्रणाली की गड़बड़ियों को लेकर सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं।