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सीवान में पत्रकार राजदेव रंजन हत्या मामले में अदालती फैसला: तीन दोषी, तीन बरी

बिहार के सीवान में पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के मामले में हाल ही में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। तीन आरोपियों को दोषी ठहराया गया है, जबकि तीन अन्य को सबूतों के अभाव में रिहा कर दिया गया। इस मामले की जांच पहले पुलिस ने की थी, बाद में इसे सीबीआई को सौंपा गया। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और अदालत के फैसले के पीछे की कहानी।
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सीवान में पत्रकार राजदेव रंजन हत्या मामले में अदालती फैसला: तीन दोषी, तीन बरी

सीवान में पत्रकार की हत्या का मामला

बिहार के सीवान में पत्रकार राजदेव रंजन की 9 साल पहले गोली मारकर हत्या की गई थी। उनकी पत्नी, आशा यादव ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ सीवान नगर थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी। प्रारंभ में इस मामले की जांच स्थानीय पुलिस ने की, लेकिन बाद में इसे सीबीआई को सौंप दिया गया। सीबीआई ने 15 सितंबर, 2016 को मामला दर्ज किया और पूर्व सांसद शहाबुद्दीन सहित आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की। हाल ही में अदालत ने तीन आरोपियों को रिहा करने का आदेश दिया और तीन अन्य को दोषी ठहराया। इस मामले में एक आरोपी, सांसद मोहमद शहाबुद्दीन, की पहले ही मृत्यु हो चुकी है.


हत्या की घटना का विवरण

राजदेव रंजन की हत्या 13 मई 2016 को हुई थी। उनकी पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। बाद में यह मामला सीबीआई को सौंपा गया, जिसने पूर्व सांसद शहाबुद्दीन समेत आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की। इस मामले में अदालत में 69 गवाहों और 111 साक्ष्यों को पेश किया गया। आरोपियों से 183 सवाल पूछे गए थे.


उच्च न्यायालय में अपील की योजना

इस मामले में पहले 28 अगस्त को फैसला सुनाया जाना था, लेकिन एक आरोपी की बीमारी के कारण सुनवाई टल गई। अंततः 30 अगस्त को फैसला सुनाया गया। फैसले के बाद, आरोपियों के वकील शरद सिन्हा ने कहा कि जिनके खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, उनमें कोई ठोस आधार नहीं है। वे अपील के माध्यम से बरी हो जाएंगे। कोर्ट ने रिशु, राजेश और लड्डन मिया को रिहा किया है। अधिवक्ता राकेश दुबे ने बताया कि आज जिन तीन आरोपियों को निर्दोष कहा गया है, उनके खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की जाएगी.