सुप्रीम कोर्ट में रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे भारतीयों की स्थिति पर सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का विवरण
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जानकारी दी है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष में फंसे 217 भारतीयों में से 49 की मृत्यु हो चुकी है। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले पर शुक्रवार, 22 मई को महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। सरकार ने बताया कि इनमें से 149 भारतीयों को कॉन्ट्रैक्ट से मुक्त कर दिया गया है।
परिवारों की चिंताएं और सरकार की प्रतिक्रिया
सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसकी अध्यक्षता चीफ जस्टिस सूर्यकांत कर रहे थे, में एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने जानकारी दी कि जिन 26 भारतीयों के परिवार कोर्ट में उपस्थित हुए, उनमें से 14 की मृत्यु हो चुकी है और 11 अभी भी लापता हैं। एक भारतीय किसी आपराधिक मामले में जेल में बंद है। सरकार ने यह भी कहा कि आठ शव परिवारों को सौंपे जा चुके हैं, लेकिन वकीलों ने शवों की पहचान में कठिनाई की बात कही।
युवाओं की भर्ती और दूतावास की भूमिका
आरोप है कि कई युवाओं को गलत जानकारी देकर रूस भेजा गया, जहां उन्हें युद्ध में झोंक दिया गया। याचिका में मांग की गई कि भारतीय दूतावास तुरंत हस्तक्षेप करे और यह सुनिश्चित करे कि भारतीय नागरिकों की स्थिति क्या है। परिवारों ने मुआवजे की भी मांग की है।
रूस-यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि
रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण किया था। भारत के विदेश मंत्रालय ने कई बार एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में शामिल न होने की चेतावनी दी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली में रूसी दूतावास ने बताया कि अप्रैल 2024 में भारतीयों की भर्ती बंद कर दी गई थी, लेकिन कई भारतीय अभी भी वहां फंसे हुए हैं।
