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सूरत से प्रवासी मजदूरों का पलायन: एलपीजी संकट के बीच बढ़ी मुश्किलें

गुजरात के सूरत से प्रवासी मजदूरों का पलायन एक गंभीर स्थिति का संकेत है, जो मध्य-पूर्व में चल रहे संघर्ष और एलपीजी संकट के कारण उत्पन्न हुआ है। उधना रेलवे स्टेशन पर हजारों लोग अपने घर लौटने के लिए इकट्ठा हुए, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। इस दौरान कई भावनात्मक क्षण भी देखने को मिले, जिसमें एक युवक ने कहा, 'अब नहीं आऊंगा दोस्त, अब नहीं आऊंगा।' जानें इस संकट के पीछे की कहानी और क्या हो रहा है सूरत में।
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सूरत से प्रवासी मजदूरों का पलायन: एलपीजी संकट के बीच बढ़ी मुश्किलें

सूरत से मजदूरों की वापसी की चिंताजनक स्थिति

सूरत से प्रवासी मजदूरों का पलायन: मध्य-पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण एलपीजी संकट के चलते गुजरात के सूरत से चिंताजनक दृश्य सामने आए हैं। बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक अपने घर लौटने के लिए मजबूर हो गए हैं। रविवार को उधना रेलवे स्टेशन पर लोगों की भारी भीड़ ट्रेन पकड़ने के लिए इकट्ठा हो गई, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।


सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों में सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर पुरुष, महिलाएं और बच्चे लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। कुछ लोग अपने सामान के साथ ट्रेन पकड़ने के लिए दौड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, रविवार सुबह लगभग 11:30 बजे हजारों लोग यूपी और बिहार जाने वाली ट्रेनों में सीट पाने के लिए स्टेशन पहुंचे थे। इस दौरान सुरक्षा बल स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन लाठीचार्ज के बाद भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।



वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग स्टेशन पर लंबी कतारों में खड़े हैं। जब कुछ लोगों ने लाइन तोड़ने की कोशिश की, तो पुलिस और आरपीएफ के जवानों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। इसके बाद यात्री डंडों से बचने के लिए लोहे की जालियों पर कूदते हुए दिखाई दिए।


इन तस्वीरों में एलपीजी संकट के कारण परेशान प्रवासी मजदूरों की स्थिति को दर्शाया गया है। एक भावुक युवक को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "अब नहीं आऊंगा दोस्त, अब नहीं आऊंगा।"