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सोहा अली खान की कहानी: उम्र और मातृत्व पर समाज का दबाव

सोहा अली खान ने 35 साल की उम्र में मातृत्व के लिए समाज के दबाव का सामना किया। उन्होंने साझा किया कि कैसे समाज और चिकित्सक मानते हैं कि इस उम्र के बाद गर्भधारण करना मुश्किल हो सकता है। लेकिन उनकी कहानी यह दर्शाती है कि उम्र केवल एक संख्या है। जानें कि कैसे महिलाएं अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखकर और सही जानकारी के साथ अपने जीवन के फैसले ले सकती हैं।
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सोहा अली खान की कहानी: उम्र और मातृत्व पर समाज का दबाव

समाज के तानों का सामना

सोहा अली खान, एक शिक्षित और आत्मनिर्भर अभिनेत्री, ने हाल ही में अपने अनुभव साझा किए हैं जब उन्हें 35 साल की उम्र में मातृत्व के लिए 'बहुत देर' होने का एहसास कराया गया। यह अनुभव केवल उनका नहीं है, बल्कि आज की कई महिलाओं का है जो अपने करियर और सपनों को पूरा करने में व्यस्त हैं और समाज द्वारा निर्धारित 'सही उम्र' को पार कर जाती हैं।


सोहा ने बताया कि जब उन्होंने माँ बनने का निर्णय लिया, तो उन्हें भी ऐसे ताने सुनने को मिले। समाज और कभी-कभी चिकित्सक भी मानते हैं कि 35 के बाद गर्भधारण करना कठिन हो सकता है, जिससे महिलाओं पर मानसिक दबाव बढ़ता है।


विज्ञान के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं की प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है। 20-30 साल की उम्र गर्भधारण के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है, जबकि 35 के बाद अंडों की गुणवत्ता में कमी आ सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि 35 के बाद कोई महिला माँ नहीं बन सकती। सोहा ने 39 साल की उम्र में अपनी बेटी इनाया को जन्म दिया।


महिलाओं को अपने शरीर को समझना चाहिए और अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए। शादी या मातृत्व का निर्णय केवल उनका होना चाहिए, न कि समाज या परिवार के दबाव में। आज के समय में, देर से शादी करना और माँ बनना सामान्य हो गया है।