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हरियाणा की नई औद्योगिक नीति: रोजगार और निवेश को बढ़ावा

हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने राज्य को औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए नई नीति का मसौदा तैयार किया है। इस नीति में स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोजगार देने वाली कंपनियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके अलावा, पेटेंट कराने पर वित्तीय सहायता और प्रदर्शन आधारित लाभ भी प्रदान किए जाएंगे। जानें इस नई नीति के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
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हरियाणा की नई औद्योगिक नीति: रोजगार और निवेश को बढ़ावा

हरियाणा सरकार की नई औद्योगिक नीति

चंडीगढ़, 24 अप्रैल। हरियाणा की नायब सैनी सरकार राज्य को औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए पुरानी नीतियों को समाप्त करने की योजना बना रही है। 2020 की नीति की कमियों को दूर करते हुए, एक नई नीति तैयार की जा रही है जो सीधे निवेश, रोजगार और आधुनिक तकनीक पर केंद्रित होगी। इस नई नीति का मसौदा तैयार हो चुका है और इसे जल्द ही कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 10 लाख नए रोजगार के अवसर उत्पन्न करना है।


स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन

नई नीति का सबसे बड़ा लाभ हरियाणा के निवासियों को मिलेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब MSME के बजाय बड़े और मेगा उद्योगों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाली कंपनियों को अब 1 लाख रुपये सालाना की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यदि कोई कंपनी स्थानीय महिलाओं, अनुसूचित जाति (SC) या दिव्यांगों को नौकरी देती है, तो यह राशि बढ़कर 1.2 लाख रुपये सालाना हो जाएगी। जिन कंपनियों में 25% से अधिक कर्मचारी हरियाणा के होंगे, उन्हें अतिरिक्त सब्सिडी और लाभ भी प्रदान किए जाएंगे।


पेटेंट के लिए वित्तीय सहायता

हरियाणा सरकार प्रदेश में नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए तैयार है। नई नीति के तहत अनुसंधान केंद्र स्थापित करने पर 50% तक की सब्सिडी दी जाएगी। बड़े उद्योगों को 10 करोड़ और मेगा या अल्ट्रा मेगा परियोजनाओं को 50 करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलेगी। इसके अलावा, यदि कोई कंपनी राष्ट्रीय स्तर का पेटेंट कराती है, तो उसे 50 लाख रुपये और अंतरराष्ट्रीय पेटेंट के लिए 1 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, ग्रीन एनर्जी और डिफेंस जैसे 9 प्राथमिक क्षेत्रों को 5% अतिरिक्त सब्सिडी भी मिलेगी।


प्रदर्शन आधारित लाभ और सिंगल विंडो प्रणाली

नई नीति की एक विशेषता यह है कि कंपनियों को लाभ केवल निवेश के वादे पर नहीं, बल्कि उनके वास्तविक प्रदर्शन के आधार पर मिलेगा। जो कंपनियां समय से पहले काम शुरू करेंगी, उन्हें अधिक सब्सिडी मिलेगी, जबकि देरी करने वाली कंपनियों की सब्सिडी में कटौती की जाएगी। उद्योगों की स्थापना को सरल बनाने के लिए एक 'सिंगल विंडो पोर्टल' विकसित किया जाएगा, जहां ऑनलाइन आवेदन से लेकर समयबद्ध मंजूरी तक की सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। स्टांप ड्यूटी में क्षेत्र के अनुसार 30% से 100% तक की छूट देने की योजना भी है।


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