Newzfatafatlogo

हरियाणा बोर्ड ने 2026-27 के लिए विज्ञान परीक्षा प्रणाली में किया बड़ा बदलाव

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने 2026-27 के शैक्षणिक सत्र के लिए विज्ञान विषय की परीक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब विज्ञान की लिखित परीक्षा 80 अंकों की होगी, जबकि प्रैक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन के अंकों में भारी कटौती की गई है। इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों को लिखित परीक्षा की तैयारी पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित करना है। जानें इस नए परीक्षा प्रारूप के बारे में और इसके प्रभाव के बारे में।
 | 
हरियाणा बोर्ड ने 2026-27 के लिए विज्ञान परीक्षा प्रणाली में किया बड़ा बदलाव

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का नया निर्णय

कुरुक्षेत्र, 01 मई। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सेकेंडरी स्तर (9वीं और 10वीं) की परीक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं। बोर्ड के अनुसार, अब विज्ञान विषय की लिखित परीक्षा 80 अंकों की होगी। यह निर्णय अन्य प्रमुख विषयों जैसे हिंदी, अंग्रेजी और गणित के साथ समानता लाने के लिए लिया गया है। पहले विज्ञान में प्रैक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन का महत्व अधिक था, जिसे अब काफी कम कर दिया गया है।


प्रैक्टिकल अंकों में कमी

प्रैक्टिकल के अंकों में भारी कटौती


इस निर्णय का प्रभाव राज्य के लाखों छात्रों पर पड़ेगा। पहले विज्ञान में प्रैक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन के लिए कुल 40 अंक निर्धारित थे, जिन्हें अब घटाकर केवल 20 अंक (10 प्रैक्टिकल + 10 आंतरिक) कर दिया गया है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से छात्रों की प्रैक्टिकल पर निर्भरता कम होगी और वे विषय की गहराई को समझने के लिए लिखित परीक्षा की तैयारी पर अधिक ध्यान देंगे।


पास होने के लिए आवश्यक अंक

पास होने के लिए 33% का फॉर्मूला


बोर्ड का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पूरे वर्ष पढ़ाई के प्रति सक्रिय बनाए रखना है। पास होने के मानदंडों के अनुसार, छात्रों को लिखित, प्रायोगिक और आंतरिक मूल्यांकन के कुल अंक में कम से कम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। सभी स्कूलों और शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यार्थियों को नए परीक्षा प्रारूप और संशोधित पाठ्यक्रम के अनुसार तैयारी करवाएं। भिवानी बोर्ड की वेबसाइट पर नए पेपर का खाका भी उपलब्ध है।